- टोबैको डे पर डॉक्टर्स की टीम ने आम लोगों को दी जानकारी

- पब्लिक ने लिया संकल्प, अब नहीं करेंगे तंबाकू का सेवन

Meerut । व‌र्ल्ड नो टोबैको डे के मौके पर आई नेक्स्ट ने आम लोगों को जागरूक करने के लिए एक एक्टिविटी और फ्री टेस्ट कैंप का आयोजन किया.आई नेक्स्ट ने गढ़ रोड स्थित समुद्रा हुंडई कार एजेंसी, मवाना रोड स्थित रूद्रा इंस्टीट्यूट, गढ़ रोड स्थित राज स्नेह मारुति कार कंपनी, खैर नगर स्थित स्टेट बैंक ऑफिस आदि विभिन्न स्थानों पर जाकर लोगों का फ्री पॉलमरी फंक्शन टेस्ट करवाया। वहीं डॉक्टर्स की टीम ने पब्लिक को तम्बाकू के नुकसान व उससे बचाव के तरीके भी बताए। आई नेक्स्ट की इस अवेयरनेस के बाद पब्लिक ने भी तंबाकू व सिगरेट से दूर रहने का प्रण लिया।

डॉक्टर्स ने बताए नुकसान

आई नेक्स्ट की इस एक्टिविटी में डॉक्टर्स टीम ने टोबैको व स्मोकिंग के काफी सारे नुकसान बताए। डॉ.अमित अग्रवाल ने बताया कि स्मोकिंग व टोबैको के बहुत ही नुकसान है। इससे लंग्स, गले व मुंह का कैंसर हो जाता है, धीरे-धीरे भूख कम हो जाती है। स्मोकिंग पर्सन को पैरालाइसिस हो सकता है, एम्फाइसिमा होने लगता है, पैरों की उंगलियां गलने लगती है।

अटैक की संभावना

शिपला कंपनी के एमआर सूर्यप्रताप ने बताया कि इससे हार्टअटैक की संभावना भी बढ़ती है। अस्थमा और लगातार खांसी की शिकायत रहने लगती है। उन्होंने बताया टोबाको के सेवन से बुढ़ापा जल्दी आता है और मेंटली इलनेस बढ़ने लगती है।

लोगों का टेस्ट किया

डॉक्टर्स की जानकारी के साथ ही स्पेशल टीम ने लोगों का फ्री पॉलमरी फंक्शन टेस्ट किया। जिसमें 35 से ऊपर की एज के लोगों में 70 परसेंट की रिपोर्ट में कुछ न कुछ कमी रहीं। 35 से ऊपर की एज के लोगों के लंग्स में खराबी मिली। इनमें से अधिकतर केस सिगरेट व टोबैको के सेवन के कारण ही मिले। हेल्थ एक्सपर्ट प्रेम प्रकाश प्रजापति और निशंात कुमार ने लोगों का टेस्ट किया। उन्हें डॉक्टर्स से एडवाइस लेकर ट्रिटमेंट लेने की सलाह दी।

घातक है स्मोकिंग

डॉ। संदीप के अनुसार एक सिगरेट में 9 मिलीग्राम निकोटीन होता है। जो जलकर एक ग्राम रह जाता है, निकोटिन सीधा शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता। लेकिन यह सैकड़ों केमिकल के साथ रिएक्शन कर टार बनता है। यह टार फेफड़ों के ऊपर परत के रूप में चढ़ जाता है और बाद में उन्हें खत्म करने लगता है। अलग-अलग सिगरेट में निकोटिन का स्तर अलग होता है। सूखे हुए एक ग्राम तंबाकू में निकोटिन का स्तर 13.7 से 23.2 मिलीग्राम तक होता है। तंबाकू के कई तरह के कार्सिनोजिन तत्व पाए जाते हैं। जो कैंसर के कारण बनते हैं। इनसे कई तरह के कैंसर हो सकते हैं।

निकोटिन की लत के लक्षण

- भूख कम महसूस होना, अधिक लार व कफ बनना। प्रति मिनट दिल की धड़कन 10 से 20 बार बढ़ जाती है।

- छोटी बात पर भी बैचेनी महसूस होना, ज्यादा पसीना आना और उल्टी दस्त होना।

- निकोटिन लेने की इच्छा बढ़ जाना, अवसाद, निराशा आदि महसूस होना।

- सिर दर्द होना व ध्यान केंद्रीत करने में दिक्कत होने लगे तो भी इसे निकोटीन की लत का लक्षण कहते हैं।

पब्लिक ने लिया प्रण

मैनें आई नेक्स्ट की इस एक्टिविटी के माध्यम से पहली बार टेस्ट करवाया है। यहां नॉलेज मिली है कि हर छह महीने में टेस्ट करवाना जरुरी है। इसलिए अब मैं समय-समय पर टेस्ट करवाया करूंगा।

कैप्टन अनुभव कोचर

स्मोकिंग छोड़ने के लिए क्या तरीके अपनाए जा सकते हैं । इसकी नॉलेज भी आई नेक्स्ट के माध्यम से मिली है। यह एक्टिविटी वाकई ही पब्लिक को अवेयर करने वाली है।

उर्मिला मोरल प्रिंसिपल आरआईटी

स्मोकिंग छोड़ने के लिए कोई निकोटिन रिप्लेसमेंट थैरेपी होती है। इस एक्टिविटी में डॉक्टर्स से यह नॉलेज मिली।

संदीप मित्थल