वाराणसी (ब्यूरो)एक जून को वाराणसी में लोकतंत्र का उत्सव हैचुनाव को लेकर जोरशोर से तैयारी चल रही हैचुनाव कराने के लिए बड़ी संख्या में कर्मियों की जरूरत होती है और ये कर्मी विभिन्न सरकारी विभागों, सरकारी स्कूल के शिक्षकों, राष्ट्रीयकृत बैंकों और एलआईसी सहित विभिन्न उद्यमों जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से लिए जाते हैंइसी बीच चुनाव आयोग की तरफ 13 विभागों के कर्मचारियों को छूट प्रदान की गई हैइसका कारण यह बताया गया है कि इन विभागों के कर्मचारियों का सीधा पब्लिक से सीधे जुड़ाव हैइनकी ड्यूटी लगाने से रोजमर्रा की चीजें प्रभावित होंगीइसके बाद वाराणसी में इन विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी काट दी गई है

इन 13 विभाग के कर्मियों को छूट

1- इंफार्मेशन एंड पब्लिक रिलेशन

2- हेल्थ

3- पोस्टल डिपो

4- ट्रैफिक

5- रेलवे

6- बिजली

7- एयरपोर्ट

8- मेट्रो रेलवे

9- दूरदर्शन

10- आल इंडिया रेडियो

11- बीएसएनएल

12- मीडिया पर्सन ऑथराइज्ड

13- जलकल

किन कर्मचारियों की लगती है ड्यूटी

चुनाव आयोग मतदान और मतगणना के लिए सिर्फ केंद्र और राज्य सरकार के स्थायी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाता हैलेकिन, यदि ज्यादा की जरूरत हो तो डेपुटेशन अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई जाती हैमतदान का काम संभालने में टीचर, इंजीनियर, क्लर्क, अकाउंटेंट, प्रशासनिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगती हैसरकारी लैब और अस्पताल कर्मचारी भी ड्यूटी पर रहते हैं.

बिना बताए गायब रहने पर हो सकती है जेल

एक बार चुनाव में ड्यूटी लगने के बाद अगर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना बताए गायब हो जाता है तो ये नॉन-कॉग्निजेबल क्राइम की श्रेणी में आता हैऐसे शख्स पर चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है.

चुनाव ड्यूटी में कितना मिलता है मानदेय

लोकसभा चुनाव कार्य में नियुक्त कार्मिकों को अलग से मानदेय भी दिया जाता हैजिसमें इस बार बढ़ोतरी की गई हैमतदान के दिन बूथ पर नियुक्त माइक्रो ऑब्जर्वर को अब प्रथम दो दिवस के लिए 1000 रुपए तथा दो दिवस से अधिक ड्यूटी पर 500 रुपए प्रतिदिन (अधिकतम 3,000 रुपए) पारिश्रमिक दिया जाएगाइससे पहले एकमुश्त 1000 रुपए दिए जाते थेमतदान और मतगणना दल के साथ नियुक्त सहायक कर्मचारी को दैनिक भत्ता 300 रुपए दिया जाता हैमतदान दल, जोनल मजिस्ट्रेट, एरिया मजिस्ट्रेट के साथ नियुक्त कार्मिक, होम गार्ड, फॉरेस्ट गार्ड, ग्राम रक्षक दल, एनसीसी सीनियर कैडेट, भूतपूर्व सैनिक आदि को मानदेय 400 रुपए दिया जाता हैसाथ ही, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के कार्य में नियुक्त कार्मिकों का मानदेय भी 400 रुपए रहता है.

मतदान दल में ये होते शामिल

मतदान दलों में पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारी, सेक्टर और जोनल अधिकारी, माइक्रो-ऑब्जर्वर, सहायक व्यय पर्यवेक्षक, चुनाव में उपयोग किए जाने वाले वाहनों के ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर आदि शामिल होते हैं.

पोर्टल के माध्यम से सरकारी विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती हैलोग अपनी समस्या को लेकर पहुंच रहे हैैंअगर समस्या सही है तो जांचने के बाद उनकी ड्यूटी काट दी जा रही हैसाथ ही चुनाव आयोग की तरफ से 13 विभागों के कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी से छूट दी गई है.

विपिन कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी