-देव दीपावली पर नोरूम की स्थिति, जुगाड़ तंत्र भी नहीं करा पा रहा काम

-ज्यादातर होटल-गेस्ट हाउस से लेकर लॉज तक फुल

देव-दीपावली की अलौकिक छटा देखने को बेताब उन बाहरी पर्यटकों के लिए आज का दिन थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है, जिनका रूम बुक नहीं हुआ है। गाडि़यों का इंतजाम नहीं हो सका, और तो और बोट पर सवार होकर गंगा की लहरों से घाटों पर टिमटिमाते दीपों की रोशनी से नहा उठने वाली काशी को भी देखने की मुराद पूरी नहीं होने वाली। क्योंकि सभी होटल-गेस्ट हाउस से लेकर लॉज तक फुल हैं। टूर ट्रैवल्स की गाडि़यां भी बुक होने के साथ ही मोटरबोट व बजड़े तक भी लाख रुपये से लेकर बीस हजार रुपये तक में बुक हो चुके हैं। जुगाड़ करने में फेमस बनारसी भी इस बार रूम, गाड़ी व बोट दिलाने के मामले में फेल साबित हो रहे हैं।

पर्यटकों में दिख रहा काफी उत्साह

देव-दीपावली के नजारे को देखने के लिए देश विदेश से बनारस आ चुके पर्यटकों का उत्साह इस बार कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है। सभी बड़े होटल्स के लगभग सभी रूम्स 22-23-24 नवंबर की डेट में बुक हो चुके हैं। यही हाल गंगा किनारे के बजड़ों व नावों का भी है। अब दो से ढाई लाख देने पर भी बजड़े उपलब्ध नहीं हो रहे। नाव की बुकिंग 70 हजार से डेढ़ लाख रुपये में हो रही है। खास बात यह है कि इस साल अपने शहर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन होने जा रहा है। इसलिए भी पर्यटकों का उत्साह बनारस को लेकर कुछ ज्यादा ही है। काशी में आने वाले सैलानियों को बनारसी व्यंजन, परिधान व गीत-संगीत का आनंद देने की भी व्यवस्था की गई है। बनारस होटल एसोसिएशन की ओर से सभी होटल्स व लॉज को अपने यहां व्यवस्थाओं को बेहतरीन बनाने की अपील की गई है।

सिटी व रूरल एरिया तक के करीब एक हजार होटल्स, लॉज, धर्मशाला आदि की बुकिंग पहले से ही है। गंगा घाटों के होटल्स को तो कस्टमर्स ने पहले ही रिजर्व करा रखा है। कुंभ व प्रवासी भारतीय सम्मेलन के नाते भी अभी से बुकिंग चल रही है।

गोकुल शर्मा, महामंत्री, बनारस होटल एसोसिएशन

देव दीपावली पर देश व विदेश से आने वाले पर्यटकों की ओर से पहले से ही नाव, बजड़ों की बुकिंग कराई जा चुकी है। छोटी नावें तक भी बुक हो चुकी हैं। कहीं से भी गुंजाइश नहीं है कि मोटरबोट, बजड़े मिल जाएं।

गोपाल साहनी, नाविक संघ

देव दीपावली के अवसर पर दो दिनों तक फोर व्हीलर तो मिलने से रहे। ट्रैवल की टैक्सियां तक भी बुक हैं। होटल्स की ओर से गाडि़यों की डिमांड भी की गई है, लेकिन इंतजाम करा पाना मुश्किल हो रहा है।

आकाश तिवारी, टूर ऑपरेटर