दून अस्पताल में तैयार हुआ वार रूम, सचिव स्वास्थ्य ने ब्लड डोनेट कर दिया संदेश

देहरादून, 5 सितम्बर (ब्यूरो)। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीएमएस डॉ। अनुराग अग्रवाल ने समन्वय समिति की बैठक ली। मेडिसिन व बाल रोग विभाग के डॉक्टर्स को बेहतर समन्वय स्थापित किए जाने के निर्देश दिए। डॉ। अग्रवाल ने बताया कि हॉस्पिटल की इमरजेंसी, ओपीडी से लेकर पैथोलॉजी लैब तक में पेशेंट का ज्यादा दबाव है। बीते दिनों इमरजेंसी में 176 मरीजों को भर्ती किया गया। इमरजेंसी ओपीडी 600 से अधिक रही। जबकि, ओपीडी में 2636 मरीज देखे गए। पैथोलाजी में 3353 जांच की गई। जिसमें से 317 डेंगू जांच थी। बताया कि अब तक हॉस्पिटल में डेंगू के लक्षण वाले 1200 से ज्यादा पेशेंट का उपचार हो चुका है। जिसमें 459 डेंगू पाजिटिव रहा। डेंगू के लक्षण वाले 155 मरीज भर्ती किए गए, जिनमें 47 डेंगू से ग्रसित हैैं।

110 बेड डेंगू पेशेंट के लिए रिजर्व
डिप्टी सीएमएस डॉ। धनंजय डोभाल ने बताया कि अस्पताल में 110 बेड डेंगू पेशेंट के लिए रिजर्व किए गए हैं। जिनमें 30 बेड पीडिया में है। यदि आवश्यकता हुई तो और बेड बढ़ाए जाएंगे। बताया कि ब्लड बैंक में रोजाना 50 से 60 यूनिट प्लेटलेट की डिमांड आ रही है। जिसमें 30 से 40 यूनिट ब्लड बैंक उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन 7 से 10 जंबो पैक भी बनाए जा रहे हैैं।
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नहीं हो रही रेगुलर फॉङ्क्षगग
डेंगू के बढ़ते प्रकोप के चलते शहर के कई हिस्सो को अति संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है। अजबपुर-सरस्वती विहार क्षेत्र इस सूची में सबसे ऊपर है। यहां डेंगू की भयावह स्थिति के कारण क्षेत्रवासी दहशत में हैं और लगातार फॉङ्क्षगग की मांग कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि फाङ्क्षगग का दिखावा कर निगम की टीम गायब हो गई है। यह स्थिति तब है जब क्षेत्रीय पार्षद स्वयं डेंगू से ग्रसित हैं। शहर के कई इलाकों से नियमित फाङ्क्षगग न होने की शिकायतें मिल रही हैं और नगर निगम चुप्पी साधे बैठा है। सरस्वती विहार-अजबपुर खुर्द के निवासियों ने फॉङ्क्षगग न किए जाने पर नगर निगम में प्रदर्शन किया। सरस्वती विहार विकास समिति के पदाधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में लगातार डेंगू के केस बढ़ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे सप्ताह कॉलोनी में फॉङ्क्षगग और ब्लीङ्क्षचग पाउडर का छिड़काव किया जाए। सरस्वती विहार विकास समिति के सचिव गजेंद्र भंडारी का कहना है कि क्षेत्र में फॉङ्क्षगग न के बराबर हो रही है। जबकि, इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। क्षेत्रीय पार्षद विमल उनियाल खुद डेंगू से ग्रसित हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र में व्यापक रूप से फॉङ्क्षगग और दवा का छिड़काव नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी सड़कों पर आंदोलन करेंगे।

चौराहों के फव्वारे बंद करने की मांग
पर्वतीय कल्याण समिति मोहनपुर प्रेमनगर के महासचिव वीरू बिष्ट ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर शहर के विभिन्न चौराहों पर बने फव्वारों को बंद करने की मांग की है। उनकी मांग है कि घंटाघर, पटेल चौक, फव्वारा चौक, सर्वे चौक आदि स्थानों पर स्थित फव्वारों के कारण आसपास पानी जमा होता है। जहां डेंगू के मच्छर का लार्वा पनपने का खतरा है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अनुसार डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है और इन फव्वारों से साफ पानी जमा हो रहा है।
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कंट्रोल में आईं 60 कॉल
डेंगू की रोकथाम के लिए शुरू किए गए कंट्रोल रूम में अब तक 440 कॉल प्राप्त की जा चुकी हैं। डीएम के मुताबिक 25 कॉल प्लेटलेट््स मुहैया कराने के लिए की गई हैं। कंट्रोल रूम की ओर से जरूरतमंदों को प्लेटलेट््स के लिए डोनर मुहैया कराए गए। 60 में से 55 कॉल का निस्तारण कर दिया।
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
दून में डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बावजूद रोकथाम को प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने निगम परिसर में प्रदर्शन कर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेसियों ने शहर में जल जमाव का निस्तारण करने और नियमित फॉङ्क्षगग करने की मांग उठाई है। महानगर कांग्रेस कमेटी देहरादून के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम में महानगर अध्यक्ष डॉ। जसङ्क्षवदर ङ्क्षसह गोगी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। कहा कि शहर में जगह-जगह अधूरे पड़े निर्माण कार्यों, सड़कों और नालियों के कारण पानी जमा है। जिसमें डेंगू के मच्छर का लार्वा पनप रहा है। जिम्मेदार आंख मूंदकर बैठे हैं। इससे डेंगू भयावह रूप ले चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू मरीजों की संख्या को भी छुपा रहा है। सरकारी अस्पतालों से कई गुना ज्यादा मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। इस दौरान पार्षद मुनिक अहमद, रमेश कुमार मांगू, हरिमोहन भट्ट, अर्जुन सोनकर, इलियास अंसारी, जितेंद्र तनेजा, सचिन थापा, इतात खान मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य सचिव ने किया ब्लड डोनेट
वायरल और डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण ब्लड बैंकों में प्लेटलेट््स की मांग कई गुना बढ़ गई है। जिसे देखते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ। आर। राजेश कुमार ने आम जनमानस से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील कर रहे हैं। उन्होंने खुद एक पेशेंट के लिए रक्तदान किया। उन्होंने स्वास्थ्य सचिव ने रक्तदान कर संदेश दिया कि रक्तदान कर अन्य लोग भी खून की कमी के चलते ङ्क्षजदगी की जंग लड़ रहे मरीजों को बचाने के लिए आगे आएं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि रक्त प्रकृति का एक ऐसा अनुपम उपहार है, जो विज्ञानी तकनीक के जरिये प्रयोगशालाओं में तैयार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में रक्तदान करने से ही गंभीर मरीजों के लिए रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि डेंगू से गंभीर रूप से पीडि़त पेशेंट को प्लेटलेट््स चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। बीमारी के दौरान खून में प्लेटलेट््स की संख्या 20 हजार से कम होने लगे तो खतरा बढ़ जाता है और आम तौर पर डॉक्टर हॉस्पिटल में भर्ती होने का सुझाव देते हैं। ज्यादातर हॉस्पिटल में प्लेटलेट की मांग बहुत बढ़ गई है और उसकी उपलब्धता बहुत कम है। इसकी आपूर्ति के लिए जरूरी है कि हम स्वैच्छिक रक्तदान करें।
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प्रदेश के 57 ब्लड बैंक को नोटिस जारी
औषधि नियंत्रण विभाग ने प्रदेश के 57 निजी व सरकारी ब्लड बैंक को नोटिस जारी किया है। सभी ई-रक्तकोष पर अपनी मासिक रिपोर्ट, डोनर की सूची, रक्त के भंडारण एवं वितरण की जानकारी अपलोड नहीं कर रहे हैं। औषधि नियंत्रक ताजबर ङ्क्षसह जग्गी ने इन्हें नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण न देने या उत्तर संतोषजनक न पाए जाने पर इनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव डॉ। आर। राजेश कुमार ने अधिकारियों को ई-रक्तकोष पोर्टल को अपडेट रखने के निर्देश दिए थे। हर दिन सुबह-शाम ई-रक्तकोष पोर्टल में डाटा एकत्र किया जाए। पेशेंट मदद के लिए जरूरी है कि सभी ब्लड बैंक अपनी सूचनाएं आनलाइन रखें, ताकि जरूरत पडऩे पर मरीज को रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
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