- दून समेत राज्य के कई जगहों पर 50 से 75 प्रतिशत पेयजल स्रोत सूखे
- लगातार पेयजल स्रोत और ट्यूबवेलों के सूखने से बढ़ी पेयजल किल्लत

देहरादून (ब्यूरो): इन जगहों पर पेयजल स्रोत 50 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक सूख गए हैं। इस बात का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जल संस्थान के पास रोजाना 200 से लेकर 250 शिकायतें दर्ज हो रही है, जिनमें से पेयजल आपूर्ति बाधित होने की सबसे ज्यादा शिकायतें शामिल हैं। जल संस्थान पानी की किल्लत को दूर करने के लिए लिए कालोनियों में पानी के टैंकरों से आपूर्ति करा रहा है। अभी यह हाल है तो मई-जून में पडऩे वाली भीषण गर्मी में स्थिति क्या होगी इसे समझा जा सकता है।

किस जिले में कितने प्रतिशत सूखे स्रोत
जिला स्रोत 0-50 51-65 66-76
देहरादून 142 41 121 49
पौड़ी 645 373 110 170
चमोली 436 221 180 38
रुद्रप्रयाग 313 210 109 05
टिहरी 627 439 115 78
उत्तरकाशी 415 106 249 65
नैनीताल 459 257 168 36
अल्मोड़ा 570 426 130 13
पिथौरागढ 542 464 96 25
चंपावत 277 230 55 04
बागेश्वर 198 167 33 07

बारिश न होने से मार्च में शुरू हो गई किल्लत
वैसे तो अप्रैल के आखिरी से पेयजल संकट बढऩा शुरू होता है। मई और जून में पानी की समस्या विकराल बन जाती है, लेकिन इस बार मार्च में ही पानी का क्राइसिस शुरू हो गया है। इसकी वजह कम बारिश होना बताया जा रहा है। इस बार सर्दी में बारिश न होने से भूजल रिचार्ज नहीं हो पाया है, जिस कारण पेयजल स्रोत सूखने लगे हैं। इससे पेयजल संकट बढ़ गया है। जल संस्थान के पास रोजाना पानी को लेकर शिकायतें दर्ज हो रही है।

शहर के कई इलाकों में आपूति बाधित
शहर के सहस्रधारा रोड, कृषाली चौक, आई टी पार्क, राजेंद्र नगर, अधोईवाला, एमडीडीए कालोनी, डालनवाला, ईसी रोड, पटेलनगर, रेसकोर्स, राजपुर रोड, क्लेमेंट टाउन आदि क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित होने की लगातार शिकायतें आ रही हैं। दून के अलावा गढ़वाल के उत्तरकाशी, और पौड़ी और कुमाऊं क्षेत्र के अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ में भी पेयजल की ज्यादा समस्याएं सामने आ रही हैं।

मुसीबत बढ़ा सकते हैं घाटे स्रोत
लगातार सूख रहे पेयजल स्रोत और ट्यूबवेल गर्मी में मुसीबत बन सकते हैं। लगातार सूख रहे पेयजल स्रोत इस बार शहर से लेकर चारधाम यात्रा मार्गों पर पेयजल संकट बढ़ा सकते हैं। पर्याप्त पानी न मिलने से चारधाम यात्रा मार्गों पर पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना चुनौती है। हालात को देख गढ़वाल मंडलायुक्त सुशील कुमार ने अधिकारियों को प्रदेशभर में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्थ्ज्ञा के निर्देश दिए हैं।

इन टयूबवेलों का डिस्चार्ज 50 से 80 प्रतिशत घटा
स्थान पहले अब
राजेंद्रनगर गली नंबर 8 1800 300
कौलागढ़ नंबर 2 चुंगी 1800 1000
नाचघर राजेंद्रनगर 2200 500
कौलागढ़ ओएचटी 1000 600
विजय पार्क-1 1400 700
वाणी विहार 2200 1500
टैगोल विला 2000 800
(डिस्चार्ज लीटर प्रति मिनट के हिसाब से)

दून में पानी के 100 टैंकरों से आपूर्ति
पेयजल संकट को देखते हुए जल संस्थान ने 85 टैंकरों को किराए पर लिया है। जबकि 14 टैंकर जल संस्थान के अपने हैं, जो परमानेंट पेयजल आपूर्ति करा रहे हैं। जरूरत पडऩे पर 40 टैंकरों को रिर्जव में रखा गया है।पिछले साल दून की 198 कालोनियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा था।

इन इलाकों में ज्यादा क्राइसिस
सहस्रधारा रोड, कृषाली चौक, आई टी पार्क, राजेंद्र नगर, अधाईवाला, एमडीडीए कालोनी, डालनवाला, ईसी रोड, पटेलनगर, रेसकोर्स, राजपुर रोड, क्लेमेनटाउन

पिछले 3 वर्षों में पेयजल संकट पर एक नजर

वर्ष संकटग्रस्त एरिया टैंकरों से आपूर्ति
2020 240 115
2021 390 241
2022 370 192

इस बार बारिश कम होने से स्रोत रिचार्ज नहीं हो पाए, जिस कारण पेयजल की कमी हो सकती है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं्। खासकर यात्रा मार्गों पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने को कहा गया है। पेयजल संकट से निपटने के लिए वर्क प्लान बनाने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
सुशील कुमार, आयुक्त, गढ़वाल मंडल
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