देहरादून,(ब्यूरो ): पानी की बचत के साथ-साथ घरों में पानी के स्टोरेज के लिए रखी टंकियों को भी साफ रखना जरूरी है। गर्मी के दिनों में गंदा पानी पीने से बुखार, डायरिया और पेट संबंधी अन्य बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। खास बात यह है कि आजकल पानी की काफी किल्लत महसूस की जा रही है। ऐसे में जब टंकी खाली हो, तभी इसे साफ करें। वैसे गर्मी शुरू होने से पहले यह काम किया जाता है, लेकिन जिन्होंने घरों की टंकियां साफ नहीं की है वह अभी भी साफ कर सकते हैं, लेकिन टंकी खाली होने के बाद ही यह कदम उठाएं।

51 लीटर पानी रोज बचेगा
दून नगर निगम में 171043 कनेक्शन हैं। यदि प्रत्येक कनेक्शन (परिवार) 1 बाल्टी (30 लीटर) प्रतिदिन बचाये तो लगभग 51 लाख लीटर प्रतिदिन बचत होगी। पानी बचाने के लिए हर किसी को अपनी आदत बदलनी होगी, जिसके बाद ही पानी आसानी से बचाने में मदद मिलेगी।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- टंकी को हमेशा स्वच्छ रखें
- खासकर गर्मी में इस पर विशेष ध्यान दें
- लंबे समय तक जमा पानी में वैक्टीरिया पनपने की संभावना रहती है
- ये वैक्टीरिया कई बीमारियों को जन्म दे सकते हैं।
- छत पर लगी टंकी का ढक्कन कभी खुला न छोड़ें
- प्रदूषित पानी से गर्मी के दिनों में बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है
- बरसात में पानी गंदा आने पर उबाल कर ही पानी पिएं

ये 5 आदतें बदलनी होंगी
1. आरओ सिस्टम:
घर में लगाए गए आरओ से यदि एक गिलास शुद्ध पानी निकालते हैैं तो आप अंजाने में दो गिलास पानी फिल्टरेशन की प्रक्रिया में बर्बाद कर देते हैैं। यदि घर के एक मेंबर ने दिन भर में 10 गिलास पानी निकाला तो 20 गिलास पानी बर्बाद हुआ। अगर एक गिलास में 200 एमएल पानी आता है तो 20 गिलास को जोड़ें तो 4000 एमएल यानि चार लीटर पानी बर्बाद होता है।

2. फ्लशिंग सिस्टम:
वर्तमान समय में ज्यादातर घरों के वॉशरूम में फ्लशिंग सिस्टम एडॉप्ट किया जा चुका है। फ्लशिंग सिस्टम एक वॉटर टैैंक से कनेक्ट होता है। जब आप फ्लश करते हैैं तो उसी टैैंक से पानी निकलता है। अमूमन इस टैैंक में 8 से 10 लीटर पानी आता है। एक बार फ्लश करने पर इतना ही पानी बर्बाद होता है।

3. प्री बाथ वेस्टेज:
लोग नहाने जाने से पहले शेविंग, ब्रश वगैरह करते हैं। इस दौरान करीब 20 फीसदी लोग नल ऑन ही रखते हैैं, जिसकी वजह से एक से दो लीटर पानी रोज बर्बाद हो जाता है।

4. शावर से बर्बादी:
बहुत से लोग शावर ऑन करके नहाना बेहद पसंद करते हैं, जबकि हम यह नहीं जानते हैैं कि बाल्टी में पानी भरकर नहाने के मुकाबले शावर से नहाने में पानी अधिक बर्बाद होता है। शावर बाथ लेने वाले तीन से चार लीटर तक ज्यादा पानी की बर्बादी करते हैैं।

5-बर्तन व कपड़े धोने में:
बर्तन और कपड़े धोने में भी काफी पानी बर्बाद किया जाता है। जब बर्तनों या कपड़ों को नल के नीचे तेज धार में धोया जाता है तो 10 से 15 मिनट के अंदर तीन से चार लीटर तक पानी बर्बाद हो जाता है। घरों के अंदर जमकर पानी की बर्बादी होती है। अगर पब्लिक जागरूक हो जाए तो साफ है कि हर दिन लाखों लीटर पानी बचाया जा सकता है।

बूंद-बूंद टपकने से नुकसान
-1 मिनट में 0.0024 लीटर
-1 घंटे में 0.144 लीटर
-1 दिन में 3.456 लीटर
-1 सप्ताह में 24.192 लीटर
-1 माह में 103.68 लीटर

पानी की कमी को देखते हुए इसकी बरबादी को रोकने के प्रयास होने चाहिए। आने वाली पीढ़ी को भीषण पेयजल संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए सुझाए गए प्वाइंट्स का अवश्य करें।
मनीष सेमवाल, सचिव अप्रेजल, उत्तराखंड जल संस्थान

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