- जिला प्रशासन ने शुरू की नई पहल, हेल्प को टेलीफोन नंबर भी किया जारी
- जमीन की खसरा-खतौनी की यहां होगी बारीकी से जांच, ठगी का शिकार होने से बचेंगे लोग

देहरादून, (ब्यूरो): कई लोग रजिस्ट्री कराने के बाद म्यूटेशन के लिए भटक रहे हैं। लगातार जमीन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जनता दरबार में भी जमीन के सबसे ज्यादा केस दर्ज किए जा रहे हैं। डीएम सोनिका ने एक ओर जहां सरकारी जमीनों को खुर्द-बुर्द होने से बचाने के लिए जिलाभर में अभियान शुरू किया है वहीं पब्लिक को जमीनों के सौदागरों से बचने के जागरूक करने का बीड़ा उठा लिया है। उन्होंने इसके लिए बकायदा टेलीफोन नंबर भी जारी किया है, जिस पर शिकायत करने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

सेंसिटिव इलाकों की लिस्ट होगी ऑनलाइन
डीएम सोनिका ने बताया कि दून में जमीन फ्रॉड के केस सबसे अधिक आ रहे हैं। इस पर एक्शन लेते हुए प्लांनिंग की जा रही है कि किस तरह से पब्लिक को जालसाजों से बचाया जा सकता है। इस दिशा में काम शुरू किया गया है। शिकायत और सुविधा के लिए 01353510587 जारी किया गया है। इस नंबर पर लोग जमीन के कागजों की जांच और जमीन के बारे में जानकारी ले सकते हैं। बिना प्रचार-प्रसार के अभी तक 3 कंप्लेन रजिस्टर की गई है। लोगों को जागरुक किया जा रहा है। कोशिश है कि अधिक से अधिक लोगों को जमीन के फ्रॉड से बचाया जा सके। खास बात यह है कि जिन इलाकों में जमीन के ज्यादा फ्रॉड मामले सामने आ रहे हैं वहां की लिस्टिंग करके उन स्थानों को पब्लिक डोमेन में साझा किया जाएगा।

संपत्ति खरीदने पर बरतें ये सावधानियां
- रिकॉर्ड में दर्ज नाम की पुष्टि आधार कार्ड से अवश्यक करें।
- तहसील से प्रमाणित नवीनतम खतौनी की अवश्यक लें
- अभिलेखों में विक्रेता के नाम की जांच न्यूतनम 12 वर्ष तक की पुष्टि कराना न भूलें
- एमडीडीए एप्रूव प्लाटिंग ही खरीदें, बैक लोन से जमीन खरीद ज्यादा सेफ्टी है
- अधिकतम पृष्ठों वाली नकल खतौनी में मूल पृष्ठ से विक्रेता का नाम अंतिम पृष्ठ तक मिलान करें
- खतौनी मे विक्रेता के नाम पर विक्रीत क्षेत्रफल अवशेष है, इसकी पुष्टि अवश्य कर लें
- विक्रेता द्वारा विक्रय की जाने वाली भूमि संक्रमणीय अधिकार वाली श्रेणी 1 क की भूमि हो
- सौदा करने से पहले ये सुनिश्चित कर लें कि भूमि विवादरहित और बंधनमुक्त है
- क्रय की जाने वाली भूमि गोल्डन फॉरेस्ट, टी-स्टेट और पर्ल ग्रुप कंपनी की न हो या किसी अन्य विवादित कंपनी का न हो
- संपत्ति क्रय करते समय मूल बेनामा लेकर खसरा नंबर और विक्रेता के नाम का विवरण अच्छी तरह से जांच-परख लें

12 लाख के लगभग से शहर की आबादी
500 से अधिक जगहों पर चल रही प्लाटिंग
20 बीघा के लगभग इलीगल प्लाटिंग ध्वस्त कर रहा एमडीडीए
50 से अधिक ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएगा, जहां फ्रॉड के हैं ज्यादा मामले

दून में जमीन फ्रॉड के सबसे अधिक केस सामने आ रहे हैं। रोजाना दर्जनों लोग शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कई लोग जालसाजी करके और विवादित जमीनें बेचकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए पहल शुरू की गई है। इसके लिए लोगों की हर तरह की हेल्प करने की कोशिश की जाएगी।
डीएम सोनिका, देहरादून
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