संगम नोज सहित लगभग सभी स्नान घाटों पर नहाती महिलाओं की बना रहे वीडियो व फोटो

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद मेला प्रशासन व पुलिस अधिकारी इस ओर नहीं दे रहे ध्यान

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PRAYAGRAJ: कुंभ मेला में एक शाही स्नान हो चुका है। सोमवार को पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ मेला और जोर पकड़ चुका होगा। लेकिन इस दौरान एक चीज लगातार खटक रही है वह है स्नान के दौरान बेरोक-टोक कैमरों का चलना। आलम यह है कि स्नान की बढि़या से बढि़या फोटो क्लिक करने के चक्कर में हाईकोर्ट की गाइडलाइंस को भी ताक पर रख दिया गया है। वहीं इस सोशल मीडिया फ्रेंडली युग में महिलाओं की नहाते हुए तस्वीरें वायरल होने का डर भी है।

हाई कोर्ट का है सख्त आदेश
हाई कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी सार्वजनिक स्नान घाट के पास वीडियो या फोटोग्राफी नहीं की जा सकती। इसके बावजूद कुंभ मेला 2019 में बनाए गए लगभग सभी स्नान घाटों पर खुलेआम नहाती महिलाओं और किशोरियों के साथ अन्य लोगों की फोटो खींचने के साथ वीडियो बनाई जा रही है। ये तब हो रहा है जब लगभग सभी घाटों पर काफी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।

मोबाइल कैमरे का जमकर इस्तेमाल
हाईकोर्ट का आदेश है कि स्नान घाटों के आस पास नहाते वक्त कोई भी किसी की फोटो नहीं खींचेगा। यदि कोई ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाए। लेकिन इसके बावजूद कुंभ मेला में आने वाले स्नान घाटों पर मोबाइल से धड़ल्ले से फोटो खींच रहे हैं और वीडियो बना रहे हैं। उन्हें ऐसा करने से न तो कोई रोक रहा है और न ही किसी के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई की गई है।

वीआईपी व्यवस्था में व्यस्त
जब मामले में कुछ पुलिस वालों से जानने की कोशिश की गई तो उनका कहना था कि घाटों पर रोज वीआईपी का आना-जाना लगा रहता है। इससे सुरक्षा के साथ ही कई अन्य समस्याएं होती हैं। यही नहीं घाट इतने दूर दूर तक फैले हुए हैं कि मोबाइल या कैमरे से फोटो खींचने वालों पर नजर ही नहीं पड़ती। घाट पर तैनात सीओ अभय नारायण राय का कहना था कि रोज घाटों पर इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है कि कोई किसी महिला या किशोरी की फोटो न ले पाए।

घाटों पर स्नान करने वालों की फोटो खींचते हुए अगर कोई पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश है। हाईकोर्ट के आदेश का पूरा पालन किया जा रहा है।

पुर्णेदु सिंह, कुंभ सुरक्षा

Posted By: Inextlive