कानपुर। हांगकांग में विवादित प्रत्यर्पण बिल को लेकर सडकों पर उतर आए थे और वहां लोग इस बिल को असीमित समय तक निलंबित करने की अपनी मांग को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि, अब सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए इस बिल को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है लेकिन प्रदर्शन के दौरान वहां एक ऐसा मौका देखने को मिला, जिससे हमें भी सीख लेनी चाहिए।


एम्बुलेंस जाने के बाद लोगों ने शुरू किया प्रदर्शन

दरअसल, हांगकांग में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, इसी बीच एक एम्बुलेंस वहां पहुंची, जिसे देखकर सारी भीड़ अलग हट गई। विरोध प्रदर्शन छोड़कर लोग सबसे पहले एम्बुलेंस को रास्ता देने लगे। जब एम्बुलेंस चली गई, फिर विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया। इस घटना से सभी लोगों को सीख लेनी चाहिए। बता दें कि विवादित प्रत्यर्पण बिल को लेकर 9 जून को लोग कानून के खिलाफ हांगकांग की सड़कों पर बेहद शांति पूर्ण तरीके से निकले और प्रदर्शन करने लगे लेकिन 12 जून को यह प्रदर्शन हिंसक हो गया।


प्रदर्शकारियों पर आंसू गैस किया इस्तेमाल

प्रदर्शनकारियों ने जब सुरक्षा कर्मियों पर पत्थर फेंका तो उन्होंने इसका जवाब आंसू गैस और स्प्रे के इस्तेमाल से दिया। बीजिंग की ओर झुकाव रखने वाली लैम ने इस कार्रवाई को सही और जिम्मेदार कदम बताया। इस तरह की कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यवसायी ही नहीं चीन भी लैम के खिलाफ हो गया। चीन नहीं चाहता की वह प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पेपर स्प्रे, आंसू गैस छोड़ने जैसी कार्रवाई दोहराता रहे क्योंकि साल 2014 में हुआ अंब्रेला मूवमेंट हांगकांग की जनता ने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ा था। प्रदर्शन कर रहे नेताओं को जेल में बंद कर दिया गया और आंदोलन को कुचल दिया गया। इसको लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में आज भी चीन की आलोचना होती है।

 

 

Posted By: Mukul Kumar

International News inextlive from World News Desk