- वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ

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GORAKHPUR: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीडीयूजीयू कैंपस में आयोजित टेराकोटा, पॉटरी एवं खाद्य प्रसंस्करण थीम पर आधारित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट कार्यक्रम में शिरकत की. इस दौरान सीएम ने 12 जिलों के कुल 20,427 उद्यामियों एवं हस्तशिल्पियों को 2188 करोड़ से अधिक का ऋण वितरित कर लाभान्वित कराया. मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से 15 हस्तशिल्पियों को 349.50 लाख का प्रतीक चेक दिया. उन्होंने 38 हस्तशिल्पियों को 10 इलेक्ट्रिक चॉक सहित टूलकिट भी वितरित किया. अमेजन से हुए एमओयू के तहत 15 हस्तशिल्पियों की विपणन व्यवस्था प्रारंभ कराई गई. जिनमें से टोकन के रूप में दो अग्रणी उद्यमियाें को मुख्यमंत्री द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किया गया. मुख्यमंत्री ने परिसर में लगाए गए ओडीओपी उत्पादों की प्रदर्शनी का विधिवत अवलोकन एवं दस्तकारों से परिचय प्राप्त किया. इसके अलावा उन्होंने थीम आधारित ओडीओपी कैटलॉग का विमोचन भी किया.

'लघु अद्योगों को मिल रहा बल'
इस मौके पर सीएम ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में सूक्ष्म, लघु उद्यमों एवं हस्तशिल्पियों के उत्पादों को बल प्रदान करने के लिए 2018 में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट 'ओडीओपी' कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक जनपद के विशिष्ट एवं परंपरागत उत्पादों का चिन्हांकन किया गया है. इस कार्यक्रम के माध्यम से चिन्हित उत्पादों को सर्वोन्मुखी विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक योजना, जैसे वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट में वित्त पोषण सहायता योजना, सामान्य सुविधा केंद्र योजना तथा विपणन सहायता योजना संचालित की गई है. इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एवं एमएसएमई ऋण योजना के द्वारा लाभार्थियाें को टूलकिट प्रदान करते हुए लाभान्वित कराया जा रहा है.

5 हजार करोड़ से अधिक लोन वितरित
सीएम ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना से जहां जनपद के विशेष उत्पादों का विकास होगा. वहीं उत्पादकों के जीवन में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. उन्होंने बताया कि ओडीओपी समिट के माध्यम से अब तक लखनऊ, मुरादाबाद एवं वाराणसी में आयोजित विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से 57 हजार से अधिक लाभार्थियों को 5 हजार करोड़ से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है. इससे प्रदेश में औद्योगिक परिदृश्य में एक नई उर्जा का संचार हुआ है.

रोजगार की अपार संभावना
सीएम ने कहा कि उद्यमियों को चाहे उचित दाम पर कच्चा माल उपलब्ध कराना हो या हस्तशिल्पियों-कारीगरों को दक्षता वृद्धि का प्रशिक्षण देना या राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय मांग बढ़ाने के लिए उत्पादों की डिजाइन का विकास करना हो, इन सभी सुविधाओं को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट उत्पाद कार्यक्रम के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है. इस अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक एवं आर्थिक व्यापकता के कारण उत्तर प्रदेश गैर कृषि क्षेत्र विशेषकर सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में पूंजी निवेश एवं रोजगार उपलब्ध कराने की अपार संभावनाएं रखता है.

ये मौजूद रहे
आयुक्त एवं निदेशक सूक्ष्म एवं लघु उद्योग के रवीन्द्र नायक ने आभार ज्ञापित किया. इस अवसर पर सांसद कमलेश पासवान, मेयर सीताराम जायसवाल, विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल, फतेह बहादुर सिंह, शीतल पांडेय, संगीता यादव, राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष अंजू चौधरी, एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह, सचिव सूक्ष्म एवं लघु उद्योग भुवनेश कुमार, कमिश्नर अमित गुप्ता, डीएम के विजयेंद्र पांडियन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे.