-स्पॉन्सर न मिलने से बरेली में फुटबाल के खेल को नहीं मिल पा रही पहचान

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BAREILLY:

फुटबाल फीफा व‌र्ल्ड कप रूस में आयोजित होने जा रहा है. बरेली के फुटबालर भी इसे लेकर काफी उत्साहित हैं. लेकिन फुटबाल का यह क्रेज टीवी पर तो दिखाई देता है, लेकिन बरेली के मैदान में फुटबाल के खेल को पहचान नहीं मिल पा रही है. ऐसा नहीं है कि यहां संसाधन, अच्छे कोच या खिलाडि़यों की कमी हो. सभी कुछ होते हुए भी बरेली के फुटबॉलर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नहीं चमक पा रहे हैं. फुटबाल के खेल से जुडे़ लोगों की मानें तो स्पॉन्सर्स की कमी के चलते बरेली में फुटबाल दोयम दर्जे का खेल बना हुआ है. एक ओर जहां किक्रेट सीखने के लिए युवा 500 से लेकर 1000 रुपए तक फीस दे रहे हैं, वहीं बिना किसी फीस के भी फुटबाल सीखने के लिए यहां खिलाड़ी नहीं मिल पा रहे हैं. जिला फुटबाल एसोसिएशन के अध्यक्ष मून रॉबिन्सन बताते हैं कि उनकी एसोसिएशन फुटबाल की ट्रेनिंग फ्री दे रही है, इसके लिए छह कोच भी लगाए हैं और ट्रेनिंग के बाद खिलाडि़यों को सर्टिफिकेट और मेडल भी दिए जाएंगे, इसके बाद भी फुटबाल सीखने में युवा रुझान नहीं दिखा रहे हैं, ऐसे में तमाम प्रयास के बाद भी फुटबाल की ट्रेनिंग के लिए 125 खिलाड़ी जुटा पाए हैं.

 

स्पॉन्सर्स की खल रही कमी

मून रॉबिन्सन बताते हैं कि बरेली में पहले भी कई बार फुटबाल चैंपियनशिप का आयोजन हो चुका है. चैंपियनशिप में पूरे प्रदेश के 19 मंडलों की टीमें भाग लेती हैं. उन्होंने बताया कि चैंपियनशिप के आयोजन में जो खर्च होता है उसमें लगभग 7-8 लाख रुपए डायरेक्ट्रेट खर्च करता है जबकि 2-3 लाख रुपए की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर करनी पड़ती है. इसके लिए भी यहां स्पॉन्सर मिलने मुश्किल हो जाते हैं. ऐसे में यहां हर साल चैंपियनशिप कराना संभव नहीं हो पाता है.


स्कूलों में भी हैं फुटबाल टीम

बरेली में स्पो‌र्ट्स स्टेडियम के साथ ही कई स्कूलों में भी फुटबाल की टीमें बनी हैं. जो हर साल होने वाले इंटर स्कूल कॉम्पिटिशन में भागीदारी करती हैं. बीबीएल, सेक्रेड हा‌र्ट्स, बिशप कोनराड, डीपीएस, एसआर इंटरनेशनल स्कूल की टीमें शानदार प्रदर्शन कर रही हैं. स्पो‌र्ट्स स्टेडियम में भी अलग-अलग एज गु्रप की 14 टीमें हैं, लेकिन स्पॉन्सर्स की कमी के कारण इनके खेल को पहचान नहीं मिल पा रही है.

 

बरेली में फुटबाल ग्राउंड

बरेली में स्पो‌र्ट्स स्टेडियम के अलावा बरेली कॉलेज, आईवीआरआई मैदान, रेलवे कॉलोनी मैदान, विमको ग्राउंड, कैंट स्टेडियम में फुटबाल खेलने के लिए ग्राउंड हैं. जहां कोच की निगरानी में रोजाना खिलाड़ी प्रैक्टिस करते हैं.

 

18 साल से नहीं हुई सीनियर चैम्पियनशिप

वर्ष 2000 में सीनियर स्टेट लेवल महिला चैम्पियनशिप की मेजबानी करने का बरेली को मौका मिला. इसके अलावा हर साल स्पो‌र्ट्स स्टेडियम में मंडल स्तर व राज्य स्तर की जूनियर चैम्पियनशिप का आयोजन होता है. ऐसा इसलिए भी क्योंकि जूनियर चैम्पियनशीप के लिए खेल विभाग पूरा खर्च उठाता है. जबकि सीनियर लेवल की चैंपियनशिप के आयोजन के लिए स्पॉन्सर्स की जरूरत पड़ती है.

 

ये खिलाड़ी कर चुके बरेली का नाम रोशन

बरेली के कई खिलाडि़यों ने नेशनल चैम्पियनशिप जीत कर जिले का नाम रोशन किया है. नेशनल टीम में शामिल होकर आनन्द पाल, आलोक कुमार, बलवीर कश्यप, सद्दाम हुसैन ने अब तक 25 से अधिक खिलाड़ी नेशनल चैम्पियनशिप जीत चुके हैं.

बरेली के खिलाड़ी हर टूर्नामेंट और चैम्पियनशिप में बरेली का नाम रोशन कर रहे हैं, लेकिन स्पॉन्सर्स न मिलने के कारण हर साल यहां चैंपियनशिप का आयोजन करा पाना संभव नहीं हो पाता है.

मून रॉबिन्सन, अध्यक्ष जिला फुटबाल एसोसिएशन