लखनऊ (पीटीआई)। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने सोमवार को ज्यूरिख एयरपोर्ट को जेवर हवाई अड्डे के लिए डेवलपर के रूप में मंजूरी दे दी है, जिसका निर्माण फरवरी में शुरू होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश सरकार की औपचारिक मंजूरी बोली प्रक्रिया के बाद आई है जिसमें ज्यूरिख हवाई अड्डे ने 29 नवंबर को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल), अदानी एंटरप्राइजेज एंड एंकरेज इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स लिमिटेड को हराया। विजयी बोली को तब राज्य सरकार की परियोजना निगरानी और कार्यान्वयन समिति (PMIC) के समक्ष रखा गया था, जिसे मंत्रिमंडल के पास भेजा गया था। यूपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह और सूचना) अवनीश अवस्थी ने यहां बैठक के बाद इस बात की पुष्टि की, 'ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को जेवर हवाई अड्डे के लिए डेवलपर के रूप में कैबिनेट ने मंजूरी दी है।'

फरवरी में शुरू हो जाएगा जेवर हवाई अड्डे का निर्माण

उत्‍तर प्रदेश सरकार में मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि 'हवाई अड्डे के लिए चार बोलियां आई थीं। भारित औसत के आधार पर, ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को चुना गया।' स्विस फर्म ने सरकार को प्रति यात्री 400.97 रुपये का प्रीमियम दिया, जो बोलीदाताओं में सबसे अधिक है। मंत्री ने कहा, 'हमारा मानना है कि जेवर हवाई अड्डे का निर्माण कार्य अगले साल फरवरी में शुरू हो जाएगा। नीती आयोग ने इस परियोजना की प्रशंसा की है।'

जेवर हवाई अड्डा आवश्यक

बाद में, यूपी के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने पीटीआई से कहा, 'यह दिन यूपी के विकास के इतिहास में ऐतिहासिक है। यूपी के लिए और पूरे देश के लिए जेवर हवाई अड्डा आवश्यक है। बोली प्रक्रिया में कोई देरी नहीं हुई। इसने पूरे देश के लिए एक मिसाल कायम की है।' दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और गाजियाबाद के हिंडन के बाद उत्तर प्रदेश का गौतम बुद्ध नगर जिले में हवाई अड्डा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तीसरा होगा। अधिकारियों ने पूर्व में कहा था कि 29,500 करोड़ रुपए की लागत वाला जेवर हवाई अड्डा या नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट जब बनकर तैयार होगा तब 5,000 हेक्टेयर में फैला होगा।

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हवाई अड्डे का पहला चरण 1,334 हेक्टेयर में फैला होगा

एनआईएएल द्वारा 30 मई को प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए एक डेवलपर को काम पर रखने के लिए एक वैश्विक निविदा मंगाई गई थी, जो मेगा परियोजना का प्रबंधन करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की एजेंसी है। अधिकारियों के अनुसार, हवाई अड्डे के छह से आठ रनवे होने की उम्मीद है, जो कि भारत में एक हवाई अड्डे पर अधिकतम होंगे। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे का पहला चरण 1,334 हेक्टेयर में फैला होगा और 2023 तक पूरा हो जाएगा।

Posted By: Mukul Kumar

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