- पीएम आवास योजना के तहत दूसरे फेज का ड्रॉ निकाला गया

देहरादून.

पीएम शहरी आवास योजना के दूसरे फेज में नगर निगम के टाउनहॉल में आवेदकों के पहुंचने से पहले ही आवास आवंटन के ड्रॉ निकाल दिये गये. ड्रॉ के बाद में पहुंचे आवेदकों ने हंगामा कर दिया और धांधली के आरोप लगाए. मैन्युअली पर्ची सिस्टम पर भी लोगों ने सवाल खड़े किये.

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आमवाला के फ्लैट्स का ड्रॉ

एमडीडीए की ओर से पीएम शहरी आवास योजना के तहत आमवाला तरला सहस्त्रधारा रोड पर लो इनकम ग्रुप के लिए बनाये जा रहे 240 फ्लैट्स के आवंटन के लिए सैटरडे को ड्रॉ निकाला गया. इसमें मेयर सुनील उनियाल गामा, नगर आयुक्त विनय शंकर पांडे, एमडीडीए सचिव पीसी दुम्का मौजूद थे.

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60 आवेदक पाए गए अपात्र

इस योजना के लिए कुल 874 लोगों ने आवेदन किया था. नगर निगम की ओर से सत्यापन किये जाने पर 60 आवेदकों को अपात्र पाया गया. बाकी 814 आवेदनकर्ताओं में से 23 ने अपना आवेदन वापस ले लिया था. ऐसे में कुल 791 पात्र आवेदकों के बीच 240 फ्लैट ड्रॉ के माध्यम से आवंटित किये गये.

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48 आवेदक वेटिंग लिस्ट में

इस दौरान बताया गया कि नाम वापस लेने वाले आवेदकों की जगह दूसरे लोगों को मौका दिया जाएगा. इसके लिए 48 लोगों के नाम वेटिंग लिस्ट में रखे गए हैं, जिन्हें लॉटरी के ही माध्यम से चुना गया है. कार्यक्रम का संचालन एमडीडीए सचिव पीसी दुम्का ने किया. लॉटरी मेयर सुनील उनियाल गामा ने निकाली. इस मौके पर संयुक्त सचिव एसएस नेगी, मुख्य लेखा अधिकारी, हर सिंह बोनाल, ईई संजीव जैन, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर संजीवन सूंठा, अनु सचिव अनुजा सिंह, ओएसडी एकता अरोड़ा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

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पर्ची निकली पर वहां नहीं थे

मेयर के हाथों पर्ची निकलती गई, लेकिन एप्लीकेंट ही उपस्थित नहीं थे. शुरुआत में एक के बाद एक 10 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे तो मेयर बोले कि भाग्य तो कहीं भी चमक सकता है, भले ही वे लोग नहीं आए हों, लेकिन जो उनकी किस्मत में था, उनको ही मिल रहा है.

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60 एप्लीकेंट देरी से पहुंचे

समय से जानकारी न मिलने के कारण 60 एप्लीकेंट देरी से ड्रॉ में शामिल हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि जान-बूझकर उनको समय से जानकारी नहीं दी गई. ये एप्लीकेंट्स ड्रॉ समाप्त होने के बाद पहुंचे और लिस्ट देने की मांग करने लगे. तीन घंटे बाद कहीं जाकर एमडीडीए की ओर से लिस्ट चस्पा की गई. तब तक ये अभ्यर्थी वहीं डटे रहे.

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एमडीडीए की ओर से इस डेट का कोई नोटिस तक चस्पा नहीं किया गया था. ऐसे हमें देर से जानकारी मिली.

सरिता, नालापानी रोड

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न तो मोबाइल पर कोई मैसेज आया, न ही कहीं से कोई सूचना मिल पाई. ऐसे में हम ड्रॉ के बाद पहुंच पाए.

अनीता बल्लूपुर

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आवेदकों के आये बिना लॉटरी कैसे निकल गई. कई आवेदक ड्रॉ के बाद पहुंचे. उन्होंने फिर लिस्ट मांगी.

रोशनी, कौलागढ़ रोड

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एमडीडीए को ड्रॉ की जानकारी देनी चाहिए थी. बाद में पहुंचे एप्लीकेंट्स को लिस्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा.

जयश्री, बल्लूपुर चौक