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KANPUR: डिजिटल इंडिया की राह पर तेजी से बढ़ रहे कानपुराइट्स के रफ्तार में सिटी के एटीएम रोड़ा बनने का काम कर रहे हैं. कंज्यूमर से एटीएम फीस वसूलने के बाद भी बैंक्स एटीएम में कैश की सुविधा नहीं दे पा रहे हैं. यहां तक कि आरबीआई की सख्त गाइडलाइन के बाद भी बैंक्स इसकी अनदेखी कर रही हैं. सैकड़ों एटीएम खाली पड़े हुए हैं. वहीं, जब जिम्मेदारों से इस संबंध में बात की गई तो सभी अपने अपने तरीके से टाल मटोल करते दिखे. आरबीआई की सख्त गाइडलाइन के मुताबिक, बैंकों को अपने एटीएम के खाली होने के तीन घंटे के अंदर उन्हें रीफिल करना होगा. इस डेडलाइन का बैंकों पर असर जानने के लिए दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने सिटी के कुछ एटीएम का रियेलिटी चेक किया, जहां सारे आदेश और निर्देश धरे दिखाई दिए.

तीन घंटे बाद भी खाली
नोटों से खाली हुए एटीएम की हकीकत जानने के लिए हमारे रिपोर्टर ने दो अलग अलग टाइम शहर पॉश इलाकों में स्थित 3 एटीएम का रियलिटी चेक किया. यहां रिपोर्टर ने 3 घंटे पहले की स्थिति और 3 घंटे बाद की स्थिति का जायजा लिया, जिसमें कोई भी चेंजमेंट देखने को नहीं मिला.

स्वरूपनगर-आईसीआईसीआई

स्वरूपनगर स्थित आईसीआईसीआई एटीएम में दोपहर 1.55 बजे कई लोग बिना पैसे निकाले ही एटीएम से बैरंग लौटे. हमने 3 घंटे बाद दोबारा शाम करीब 5 बजे इसी एटीएम पर पहुंच कर स्थिति जानी तो कोई परिवर्तन देखने को नहीं मिला.

आर्यनगर-बीओबी
आर्यनगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम में सुबह 9.45 बजे बैलेंस नहीं था. यहां भी लोग बिना कैश लिए ही वापस लौटे. इसके बाद हमने 1.15 बजे फिर से स्थिति परखी तो तब भी एटीएम खाली मिला. लोग कैश की तलाश में भटकते दिखे.

रंजीतनगर- ओरियंटल बैंक
रंजीतनगर स्थित ओरियंटल बैंक की ब्रांच के पास ही बैंक का एटीएम भी स्थित है. यहां दोपहर 12.55 बजे एटीएम खाली था और लोग बिना कैश लिए ही वापस लौट रहे थे. शाम 4.33 बजे भी एटीएम की स्थिति में कोई सुधार नहीं था. हालांकि, यहां मौजूद गार्ड एके शुक्ला के अनुसार एटीएम दो दिनों से खराब पड़ा था, जिसकी कंम्प्लेन ब्रांच में करने के बाद भी अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई.

पब्लिक वर्जन
हमें हॉस्पिटल में पेमेंट जमा करनी थी. सुबह से कई एटीएम के चक्कर लगा चुके हैं. लेकिन, किसी में कैश नहीं मिला. एक रिलेटिव से हेल्प मांगी है. उनके आने के बाद पेमेंट करुंगा.

- शिवम

कई एटीएम के चक्कर लगा चुके हैं. लेकिन, पैसे नहीं मिल सके. एटीएम में अक्सर पैसे नहीं निकलते हैं. ऐसे में एटीएम लगाने का कोई मतलब नहीं है. ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ही एक रास्ता बचा है.

- नेहा


- एटीएम में कैश न होने की समस्या कोई नई नहीं है. खासकर ऑफ के बाद इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. त्योहारों के वक्त तो आपको किसी भी एटीएम में पैसे मिलेंगे ही नहीं. गाइडलाइन का क्या फायदा, जिसका कोई असर नहीं.

- तनु

- 50 नेशनलाइज्ड, प्राइवेट और ग्रामीण बैंक हैं शहर में

- 770 बैंकों की शाखाएं हैं सिटी में

- 1450 एटीएम हैं सभी बैंकों के शहर में

- 55 करोड़ की रोज की नोट निकासी है सभी एटीएम से