- कमिश्नर ने घोटाले पर उठाया सख्त कदम

-तत्कालीन एमडीए उपाध्यक्ष समेत 12 पर केस

मेरठ: भ्रष्टाचार के आरोप में शुक्रवार को मेरठ विकास प्राधिकरण के तीन इंजीनियरों को कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के आदेश के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. गौरतलब है कि सपा कार्यकाल के दौरान महत्वाकांक्षी साइकिल ट्रैक स्कीम में भ्रष्टाचार की पुष्टि के बाद तत्कालीन एमडीए उपाध्यक्ष और सचिव समेत 12 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. उधर, नगर निगम में भी एक प्रकरण में भ्रष्टाचार की पुष्टि के बाद मुख्य कर निर्धारण अधिकारी समेत तीन को सस्पेंड करने के आदेश कमिश्नर ने दिए.

भ्रष्टाचारियों पर हल्ला-बोल

मेरठ सदर तहसील में नायब नाजिर समेत 5 बाहरी की गिरफ्तारी अभी चर्चा में ही थी कि शुक्रवार को प्राधिकरण में फैले भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने कदम उठाया.

साइकिल ट्रैक में घपला

पूर्व सीएम अखिलेश यादव की महत्वाकांक्षी साइकिल ट्रैक योजना में करोड़ों का घोटाला मेरठ में पकड़ा गया. दरअसल, बिजली का तार बिछाने के लिए न सिर्फ चहेते ठेकेदार को ठेका दे दिया बल्कि बिना खरीद के ही एक करोड़ 45 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया. कुल मिलाकर इस खरीद-फरोख्त में करीब तकरीबन 1.90 करोड़ रुपये का गबन किया गया. कमिश्नर के निर्देश पर प्राधिकरण के असिस्टेंट इंजीनियर एपी सिंह, एसएन मिश्रा और जेई रविंद्र सिंह को हिरासत में लेकर देर शाम जेल भेज दिया गया.

जांच की सिफारिश

उधर, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में भी इसी तरह के घोटाले की आशंका पर कमिश्नर ने शासन को जांचकर कार्रवाई के लिए कहा है तो वहीं कमिश्नर ने सूबे के सभी जनपदों में बने साइकिल ट्रैक में केबिल घोटाले के जांच की सिफारिश की है. कमिश्नर ने मुकदमे में नामजद तत्कालीन प्राधिकरण उपाध्यक्ष समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई के लिए कहा है.