ज्यादातर फैक्ट्रियों में मजदूरों की कमी के चलते नहीं शुरू हो पा रहा काम

बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश से नहीं हुई मजदूरों की वापसी

लॉकडाउन-4 में गवर्नमेंट ने फैक्ट्रियों-कारखानों को खोलने की इजाजत दे दी है। इसके बाद भी जिले के ज्यादातर उद्योग फिर से शुरू नहीं हो सके हैं। 80 पर्सेंट फैक्ट्रियों ताला लगा है। इसकी वजह मजदूरों की कमी है।

जिले के कल-करखानों में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और मध्य प्रदेश के है जो लॉकडाउन के बाद अपने घरों को लौट चुके हैं। ऐसे में अब फिर से जिल के उद्यमियों को काम शुरू करने के लिए मजदूरों की कमी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

नहीं मिल रहे प्रशिक्षित मजदूर

जिले में लगभग तीन हजार से ज्यादा ऐसे उद्योग है जिनमें कई तहर के ट्रेंड व प्रशिक्षित मजदूर काम करते हैं। ऐसे में इन प्रशिक्षित मजदूरों के आभाव में इन कारखानों व फैक्ट्रियों में अभी तक काम शुरू नहीं हो सका हैं। कोरोना की वजह से लॉकडाउन शुरू होने के कुछ दिनों तक तो मजदूर फैक्ट्री खुलने का इंतजार करते रहे लेकिन इसके बढ़ने के साथ उनकी बेचैनी बढ़ने लगी। लॉकडाउन 2 और 3 में उनकी व वापसी शुरू हो गयी। लॉकडाउन 4 के बाद अभी तक बिहार, बंगाल, मध्य प्रदेश और झारखंड से अभी तक ज्यादातर मजदूर नहीं लौट सक है जिसकी वजह से ज्यादातर फैक्ट्रियों व कारखानों में काम शुरू नहीं हो पाया हैं ।

मजदूरों के लौटने का कर रहे इंतजार

जिले के ज्यादातर उद्यमियों का कहना है कि अब मजदूरों के वापस आने के बाद ही फिर से काम शुरू हो सकेगा । इस संबंध में रियल स्टेट के कारोबार से जुड़े आकाश गुप्ता ने बताया कि ज्यादातर मजदूर अपने घर जा चुके है ऐसे में मजदूरों के आभाव में निर्माण का काम शुरु करना संभव नहीं हैं ।

जिल के इन उद्योगों में बंद है काम

लॉकडाउन फोर में भी जिले में संचालित जिन उद्योगों में अभ्?ज्ञी तक काम शुरु नहीं हो पाया है उनमें मुख्?य रुप से कई उद्योग शामिल है जो निम्?न प्रकार हैं

बीड्स इंडस्ट्री

खेती की मशीने बनाने के कारखाने

बेकरी इंडस्ट्री

साबुन की फैक्ट्रियां

साड़ी के कारखाने

पंखा उद्योग

आचार व मुरब्बा उद्योग

रियल स्टेट से जुडें कंस्ट्रक्शन वर्क

पीतल के सामान बनाने वाले कारखाने

मेरी रामनगर में फैक्ट्री है। इसमें काम करने वाले ज्यादातर मजदूर व कर्मचारी अपने घर लौट चुके है। जब तक मजदूर वापस नहीं आ जाते तब तक काम शुरू कर पाना संभव नहीं है। मजदूरों के आने तक फैक्ट्री को बंद रखना मजबूरी हैं ।

देव भट्टाचार्या , उद्यमी

मेरी नमकीन बनाने की बड़ी फैक्ट्री है। यहां सैकड़ों मजदूर काम करते है जो लॉकडाउन के बाद अपने घर जा चुके है। अभी तक मजदूरों के वापस नहीं आने से फैक्ट्री में काम शुरू नहीं हो पाया हैं ।

संजय गुप्ता, उद्यमी

मेरी फैक्ट्री लॉकडाउन के बाद से लगातार बंद है। हालांकि पिछले दिनों जिला प्रशासन की ओर से फैक्ट्री में काम शुरू करने की अनुमति मिल गई है। लेकिन मजदूरों की कमी से अभी तक काम शुरु नहीं हो पाया हैं ।

पीयूष अग्रवाल, उद्यमी

ये कहते हैं अधिकारी

जिल में संचालित रियल स्टेट से जुड़ें कंस्ट्रक्शन सहित अन्य सभी प्रोडक्शन से जुड़े कारखानों व फैक्ट्रियों में काम शुरू करने की परमिशन दे दी गई है। उद्यमी अब सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करते हुए मजदूरों से काम करा सकते हैं,

राहुल पांडेय उपाध्यक्ष

वाराणसी विकास प्राधिकरण

Posted By: Inextlive

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