- खतौली में रेल हादसे के दौरान घायल हुए थे कई लोग

- 4 दिन से मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं एक गुमनाम बुजुर्ग

-सोशल मीडिया के जरिए बुजुर्ग के परिजनों की हो रही तलाश

पारुल सिंघल.

मेरठ. कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के खतौली में पटरी से उतर जाने से सैकड़ो जिंदगियां भी पटरी से उतर गई हैं. सैकड़ों उम्मीदें, सैकड़ों घर बेपटरी हो गए हैं. गौरतलब है कि बीते शनिवार को उत्कल एक्सप्रेस से यात्री अपनी - अपनी मंजिल के लिए चले तो थे, लेकिन नियति उन्हें ऐसे मोड़ पर ले आई हैं जहां दर्द, गम, आंसू के सिवा कुछ नहीं बचा है.

नहीं मिल रहे परिजन

ऐसे ही एक गुमनाम बाबा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के ट्रामा सेंटर में भर्ती हैं. चार दिन से विभाग को न तो इनके बारे में कोई जानकारी मिली है और न ही परिजनों के बारे में कुछ पता चल सका है. गंभीर हालत में भर्ती बुजुर्ग के परिजनों को तलाशने के लिए रेलवे और स्वास्थ्य विभाग सोशल मीडिया पर भी तमाम कोशिश कर रहा है.

नहीं हो पाई पहचान

रेल हादसे के बाद लोग दर्दनाक मंजर से गुजर रहे हैं. अस्पतालों में अपनों की तलाश में लोग भटक रहे हैं. चार दिन बीतने के बाद भी कई ऐसे लोग हैं जिन्हें अपनों की सुध नहीं मिल रही है. यात्रियों की लिस्ट के आधार पर रेलवे ने इन बाबा की जानकारी हासिल करने के लिए कई लोगों से संपर्क किया, अपनों से मिलने की उम्मीद में लोग दौड़े तो चले आए, लेकिन निराशा ही हाथ लगी. गुमनाम बुजुर्ग का एक भी परिचित अभी तक नहीं मिल सका है.

सोशल मीडिया से हो रही तलाश

गुमनाम बाबा के परिजनों को तलाशने के लिए रेलवे विभाग ने व्हाटसअप और फेसबुक का सहारा लिया है. कई ग्रुप में फोटो वायरल कर लोगों को ज्यादा से ज्यादा मैसेज फारवर्ड करने की अपील की जा रही है.

वर्जन

कई लोगों से संपर्क कर रहे हैं. विभाग की ओर से लगातार हादसे के शिकार लोगों के परिजनों से भी पूछ रहे हैं. जब तक कोई नहीं आ जाता गुमनाम बाबा विभाग की जिम्मेदारी है.

दीपक शुक्ला, टीटीई, रेलवे