11 जुलाई. 11 बजकर 34 मिनट पर जाजमऊ स्थित गंगा पुल पर हूटर्स की आवाज गूंजी तो हर निगाह पुल की ओर चली गई. दर्जनों गाडि़यों का काफिला कानपुर की ओर आता हुआ दिखा तो जो जहां था वहां रुक गया. जैसे ही काफिला पुल के कानपुर द्वार पर पहुंचा. ट्रैफिक को रोक दिया गया. वहां खड़ा हर वर्दीधारी सावधान हो गया. सैकड़ों कार्यकर्ता जिंदाबाद के नारे लगाने लगे और कुछ ही पल में वहां खड़ीं कई नीली बत्तियों वाली गाडि़यां पीछे लग गई. एसपी, सीओ, एडीएम सिटी, एसीएम, एसओ की गाडि़यां काफिले के पीछे हूटर बजाते हुए चलने लगीं. पीएम और सीएम की ऐसी आगवानी तो लाजिमी है लेकिन किसी और के लिए ऐसा शाही इंतजाम आपने शायद ही सुना और देखा होगा. इतने बड़े काफिले के बीच में चल रही वीआईपी नंबर की गाड़ी में बैठे भाजपा के 'शहंशाह' के लिए था ये शाही इंतजाम. जीहां, अमित शाह जाजमऊ पहुंचे थे. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कानपुर दौरे के दौरान की शाह'गीरी' की ये तो झलक मात्र है. पूरे दिन का नजारा आंखों देखी जानने के लिए पढि़ए ये रिपोर्ट..

-भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का कानपुर पहुंचने पर हुआ शाही स्वागत, उनके हर अंदाज में दिखी 'शाह'गीरी

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KANPUR:

सैटरडे को सुबह से लेकर रात तक कानपुराइट्स के बीच चर्चा का विषय रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह. शाही अंदाज के लिए देश में फेमस अमित शाह बिल्कुल अपने अंदाज में लखनऊ से जाजमऊ फिर वीआईपी रोड होते हुए कोकाकोला चौराहे स्थित कान्हा गैलेक्सी पहुंचे. क्योंकि हर अंदाज शाही है. ऐसे में करीब 48 से ज्यादा गाडि़यों का काफिला जिनमें दो दर्जन से ज्यादा लाल और नीली बत्तियों वाली गाडि़यां भी शामिल थीं. काफिले में शामिल बाइकर्स 'अमित शाह जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए भगवा ध्वज लहरा रहे थे. काफिले के बीच में वीआईपी नंबर वाली टाटा सफारी गाड़ी जिसका नंबर यूपी 32 डीएक्स 1000 था. उसमें अमित शाह आगे की सीट पर बैठे दिखे. कार्यकर्ताओं ने भगवा ध्वज लहराया तो मुस्कुराते हुए उनकी ओर कभी हाथ हिलाया तो कभी सिर्फ मुस्कुराकर ही काम चलाया. क्योंकि अमित शाह के पास जेड प्लस सुरक्षा है ऐसे में कमांडो की फौज उनको हर कार्यकर्ता से दूर करने में पूरी तरह बिजी दिखी.

हर अंदाज बिल्कुल अलग

जाजमऊ में अमित शाह अपनी गाड़ी से कुछ पल के लिए बाहर आए तो कुछ 'स्पेशल कार्यकर्ताओं' की ही फूल-मालाओं को स्वीकार किया. बाकी कार्यकर्ताओं का शाही अंदाज में अभिवादन स्वीकार किया और काफिला निकल पड़ा कान्हा गैलेक्सी की ओर. यहां 'महासंपर्क अभियान' कार्यक्रम में उनको पहुंचना था. जाजमऊ से काफिला वीआईपी रोड, मोतीझील होते हुए कान्हा गैलेक्सी पहुंचा. पूरे रास्ते जहां से काफिला निकला करीब आधा घंटे पहले ही पूरी रोड सायं-सायं कर रही थी. हूटर बजाते हुए गाडि़यों का काफिला ऐसे निकला मानो कोई शहंशाह अपनी शहंशाही दिखा रहा हो. पीएम, सीएम का काफिला आमतौर पर होता है तो कुछ हद तक चल जाता है, क्योंकि वो देश और प्रदेश के सीएम होते हैं. लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का काफिला ये बता रहा था कि ये उनकी 'शाह' गिरी का अंदाज कैसा है?

गाड़ी पर बरसे फूल

अमित शाह का काफिला मोतीझील चौराहे पहुंचा तो वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने गाड़ी पर फूल बरसाए. कोई अमित शाह जिंदाबाद तो कोई शेरे हिंद.. के नारे लगा रहा था. कार्यकर्ता ऐसे दीवाने दिखे कि लग रहा था मानो कोई आसमान से उतरकर आया हो. मोतीझील चौराहे से कान्हा गैलेक्सी की दूरी 200 मीटर होगी. कार्यकर्ता उतावले थे लेकिन शाह ने बिल्कुल शाही तरीके से हर किसी का अभिवादन स्वीकार किया और उनका काफिला पहुंच गया कान्हा गैलेक्सी.

कमांडो का घेरा और..

कान्हा गैलेक्सी गेट के पास पहुंचते ही काफिले में आगे चल रही गाडि़यां आगे चली गई और पीछे वाली रुक गई. काफिले के बीच में चल रही अमित शाह की गाड़ी गेट के बिल्कुल सामने रुकी और साथ में चल रहे केंद्रीय मंत्रियों की गाडि़यां किनारे खड़ी हो गई. एक-दो नहीं कई केंद्रीय मंत्रियों को कुछ दूर पैदल भी चलना पड़ा लेकिन शाह को ऐसा नहीं करना पड़ा. जैसे ही गेट के सामने गाड़ी पहुंची कमांडो ने घेरा बना लिया. उनके घेरे के बीच अमित शाह कुर्ते की क्रीज को सही करते हुए उतरे तो फिर अमित शाह जिंदाबाद के नारे लगने लगे. क्या पदाधिकारी या क्या कार्यकर्ता हर कोई उनकी ओर टूट पड़ा लेकिन मुस्कुराते हुए वो कान्हा गैलेक्सी के अंदर पहुंचे. उनके जाने के बाद भी भाजयुमो के कार्यकर्ता अंदर जाने की जिद करते रहे लेकिन गेट बंद हो चुका था.

मंच पर भी वहीं अंदाज

सफेद कुर्ता-पायजाम और भूरे रंग की चेक वाली सदरी पहने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मंच पर पहुंचे और बीच में जिस कुर्सी के आगे माइक लगा था वहां बैठ गए. माइक से एनाउंसर ने उनका वेलकम किया तो आंखों के इशारे से उसको स्वीकार किया. उनकी भाव-भंगिमा बता रही थी कि मैं आ चुका हूं आप सभी शांत हो जाएं लेकिन कुछ देर खामोशी से हर किसी को सुना और फिर अपने ही अंदाज में महासम्पर्क अभियान की शुरुआत की. सांसदों, विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों को स्पष्ट संकेत एक ही बार में दे दिया कि जुट जाओ विधान सभा चुनाव की तैयारियों में. सदस्यों की संख्या में और इजाफा करो और जनता तक मोदी सरकार के हर एक काम की जानकारी पहुंचाओ. क्योंकि शाह बोल रहे थे तो किसी की हिम्मत नहीं पड़ी बीच में रोकने की. मंत्री, विधायक, सांसद, पदाधिकारियों ने एकाग्रचित होकर कई घंटे सिर्फ उनको सुना और हां ही बोला. क्योंकि पार्टी में शाह की 'शाह' गिरी से हर कोई वाकिफ है. घंटों चली क्लास के बाद अमित शाह जब कान्हा गैलेक्सी के गेट से बाहर निकले और गाड़ी में बैठकर हाथ हिलाते हुए रवाना हो गए. कोकाकोला चौराहा स्थित कान्हा गैलेक्सी से वीआईपी रोड होते हुए वो कानपुर से रवाना हो गए.