-शासन की ओर से बरेली के मरीजों को करीब 15 लाख धनराशि की जारी

-कैंसर, हार्ट समेत अन्य गंभीर बीमारियों से परेशान हैं मरीज

बरेली-किसी भी मरीज की इलाज के अभाव में जान न जाए, इसके लिए सरकार प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के लिए भी धन मुहैया करा रही है, लेकिन दूसरी और जिन डॉक्टर्स को फ्री इलाज करने का जिम्मा दिया गया है, वह बिना धन यानी रिश्वत लिए इलाज नहीं करते हैं. ऐसे में मरीज को परेशानी का ही सामना करना पड़ता है. डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में दो मरीजों के इलाज न करने की बुरी खबर के बाद कुछ मरीजों के लिए अच्छी खबर आयी है. सरकार ने गंभीर मरीजों के इलाज के लिए करीब 14 लाख रुपए की धनराशि जारी कर दी है. यह मरीज कैंसर, हार्ट समेत अन्य गंभीर बीमारियों से पीडि़त हैं.

9 मरीजों के लिए जारी रकम

शासन की ओर से कुल 13 मरीजों को धनराशि जारी की गई है, जिसमें 9 मरीज बरेली डिस्ट्रिक्ट के हैं. इन मरीजों में कैंसर, हार्ट, किडनी समेत अन्य गंभीर बीमारियां हैं. सबसे ज्यादा 5 मरीज कैंसर से पीडि़त हैं. इनका बरेली, लखनऊ और दिल्ली के अलग-अलग हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. इनके परिजनों की ओर से डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन में अप्लीकेशन देकर इलाज के लिए धनराशि की मदद मांगी थी. डीएम ऑफिस से इलाज का एस्टीमेट के साथ रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई थी, जिसके बाद शासन ने धनराशि स्वीकृति कर दी है. यह रकम हॉस्पिटल के अकाउंट में भेज दी गई है.

इन मरीजों को मिली धनराशि

-पूनम सक्सेना निवासी प्रेमनगर को कैंसर की बीमारी के इलाज के लिए 3 लाख रुपए

-बबली निवासी स्वोलनगर किला को किडनी के इलाज के लिए 1 लाख 80 हजार रुपए

-त्रिभुवन निवासी पचुआ बहेड़ी को किडनी के इलाज के लिए 1 लाख 80 हजार रुपए

-मोहम्मद शफीक निवासी शाहबाद को कैंसर के इलाज के लिए 1 लाख रुपए

-रूपा निवासी दिगोई आंवला को ब्रेन ट्यूमर के इलाज के लिए 1 लाख 75 हजार रुपए

-संजीव निवासी बिगोलिया आंवला को कैंसर के इलाज के लिए 1 लाख रुपए

-राजवती निवासी नगरिया विक्रम फरीदपुर को कैंसर के इलाज के लिए 1 लाख रुपए

-साबरी बेगम निवासी साहबगंज नवाबगंज को कैंसर के इलाज के लिए 1 लाख 75 हजार रुपए

-बेबी ट्विंकल निवासी बेनीपुर चौधरी को इलाज के लिए 25 हजार रुपए

इस तरह से कर सकते हैं अप्लाई

गंभीर बीमारी के इलाज के लिए पीडि़त को डीएम ऑफिस में अप्लीकेशन देनी होती है. डीएम ऑफिस से मरीज की फाइल तैयार करायी जाती है, जिसमें उसकी बीमारी से जुड़े पूरे रिकॉर्ड होते हैं. इसके अलावा बीमारी के इलाज में खर्च का सरकार के द्वारा नियत हॉस्पिटल से एस्टीमेट तैयार कराना होता है. डीएम के द्वारा स्थानीय एसडीएम से जांच करायी जाती है, जिसमें उसके इलाज के रिकॉर्ड के साथ आर्थिक स्थिति देखी जाती है. उसके बाद एसडीएम की रिपोर्ट के साथ एस्टीमेट लगाकर फाइल शासन को भेज दी जाती है. शासन से सीएम विवेकाधीन कोष से डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन को धनराशि जारी कर दी जाती है. इलाज के लिए जारी धनराशि सीधे हॉस्पिटल के अकाउंट में जाती है ताकि मरीज के इलाज में कोई दिक्कत न हो. उसके बाद धनराशि खर्च करने का प्रमाण पत्र भी देना होता है. जिस मरीज के इलाज के लिए अप्लाई किया गया है और उसे धनराशि के बाद इलाज मिला या नहीं, इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होती है.