नई दिल्ली (रायटर्स)। डेविस कप 2019 की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के वहां खेलने को लेकर काफी चर्चा हो रही। बुधवार को ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (एआईटीए) के महासचिव हिरोनमाय चटर्जी ने न्यूज एजेंसी रायटर को बताया कि, हम नवंबर में पाकिस्तान में होने वाले डेविस कप को लेकर वीजा का आवेदन करेंगे लेकिन साथ ही हमें इसकी भी उम्मीद है कि डेविस कप की मेजबानी इस्लामाबाद के बजाए कहीं और शिफ्ट की जाए।

वीजा प्रक्रिया हो चुकी शुरु

एआईटीए के महासचिव चटर्जी ने टेलीफोन में बातचीत में कहा, '' हमने आईटीएफ द्वारा कार्यक्रम स्थल की पुष्टि का इंतजार करते हुए वीजा प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही हमने वेन्यू में बदलाव का अनुरोध किया है और आईटीएफ (इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन) ने हमें नवंबर तक जवाब देने का वादा किया है। बता दें पाकिस्तान को एक दशक से अधिक समय तक तटस्थ स्थानों पर डेविस कप संबंधों की मेजबानी करने के लिए मजबूर किया गया क्योंकि टीमों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए देश की यात्रा करने से इनकार कर दिया।

भारतीय खिलाड़ियों पर नहीं बनाया जाएगा दबाव

अगर पाकिस्तान से डेविस कप की मेजबानी शिफ्ट नहीं की जाती है तो भारत को मजबूरन इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेना होगा। हालांकि इसके लिए एआईटीए ने नया रास्ता खोज निकाला है। भारतीय टेनिस संघ किसी भी खिलाड़ी पर पाकिस्तान का दौरा करने के लिए दबाव नहीं बनाएगा और वह यहां तक कि आईटीएफ से निलंबन, रेलीगेशन और जुर्माने से बचने के लिए दूसरे दर्जे की टीम भेजने को भी तैयार है। अगर आइटीएफ मुकाबले को किसी तटस्थ स्थान पर करवाता है तो प्रजनेश गुणेश्वरन को छोड़कर सभी शीर्ष खिलाड़ी इसके लिए उपलब्ध रहेंगे। प्रजनेश के मुकाबले के पहले दिन यानि 29 नवंबर को शादी है। यह मुकाबला पहले इस्लामाबाद में 14-15 सितंबर को होना था लेकिन आईटीएफ ने सुरक्षा की समीक्षा करने के बाद इसे 29-30 नवंबर तक टाल दिया था।

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

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