छेड़छाड़ रोकने को गठित एंटी रोमियो स्क्वायड रहता है नदारद

आगरा की घटना के बावजूद पुलिस ने नहीं लिया सबक

Meerut. आगरा में छेड़छाड़ के बाद मनचलों ने 10वीं की छात्रा को आग के हवाले कर दिया था. गुरुवार को उसकी मौत हो गई. यकीनन, आगरा की घटना ने बेटियों की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. गौरतलब है कि बीते दिनों मेरठ में भी स्कूल -कॉलेजों के बाहर छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आई थीं. जिसके बाद एसपी सिटी ने बीते दिनों अभियान भी चलाया था, लेकिन गुरुवार को दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के रियल्टी चेक में हालात कुछ अलग दिखे. कॉलेजों के बाहर न तो एंटी स्क्वायड की मौजूदगी दिखी और न ही पुलिस कर्मी नजर आए.

माधवपुरम सेक्टर- 2

गुरुवार 12.01 पीएम

राजकीय इंटर कॉलेज में करीब 1200 छात्राएं पढ़ती है. गुरुवार को कॉलेज के गेट पर कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था. यही नहीं कॉलेज के बाहर मनचले घूम रहे थे.

माधवपुरम सेक्टर -3

12.08 पीएम

माधवपुरम डिग्री कॉलेज में करीब 2 हजार छात्राएं पढ़ती है. यहां पर पहले भी छेड़छाड़ की घटनाएं हो चुकी है. बावजूद इसके, पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं दिखी.

जीजीआईसी गेट

12.20 पीएम

हापुड़ रोड स्थित जीजीआईसी गेट पर यूपी 100 डायल की गाड़ी खड़ी थी. दो पुलिस कर्मी लगातार संदिग्ध लोगों की तलाशी ले रहे थे. वहां पर पांच दिनों से चेकिंग चल रही है.

एसडी इंटर कॉलेज

12.40 पीएम

बुढ़ाना गेट स्थित सनातन धर्म इंटर कॉलेज के बाहर एक भी पुलिस कर्मी तैनात नहीं था. वहां भी कई बार छेड़छाड़ी की शिकायतें आ चुकी हैं.

इस्माइल इंटर कॉलेज

12.45 पीएम

बुढ़ाना गेट स्थित इस्माइल डिग्री कॉलेज में 2500 छात्राएं पढ़ती है, कॉलेज गेट पर पुलिस की एक गाड़ी खड़ी मिली. जिसमें एक महिला कांस्टेबल भी तैनात थी.

आरजी कॉलेज

1.00 पीएम

आरजी कॉलेज के मेन गेट के सामने चार से पांच मनचले खड़े थे. वे युवतियों को परेशान कर रहे थे. जब डीजे आई नेक्स्ट की टीम ने उन्हें कैमरे में कैद किया तो वे फरार हो गए. इसके बाद पहुंचे पुलिसकर्मियों ने चेकिंग अभियान चलाया.

ये हैं इंतजाम

सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर छेड़छाड़ को रोकने के लिए गत् 25 जुलाई 2017 को एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन किया गया था.

एसएसपी अखिलेश कुमार ने बताया कि मुख्य कॉलेज के बाहर फैंटम व पुलिस की डयूटी रहती है.

कॉलेज खुलने से लेकर बंद होने तक सभी पुलिस कर्मी मौजूद रहेंगे.

बुधवार को आरजी कॉलेज के बाहर एसपी सिटी ने मनचलों को पकड़ने के लिए अभियान भी चलाया था.

यहां पर मनचले लड़कियों को काफी परेशान करते हैं. छेड़खानी का डर भी रहता है. हालांकि पुलिस की पहरेदारी की वजह अब थोड़ी सी सख्ती बढ़ी है जिसकी वजह से मनचले दूर रहते हैं

इकरा

पहले और अब में काफी अंतर आया है. पहले यहां से निकलना मुश्किल होता था. फैंटम और पुलिस की वजह से मनचलों में कमी आई है. हालांकि छेड़खानी अभी भी होती है

सना

मौका देखकर मनचले लड़कियों को परेशान करते हैं. पुलिस को देखकर जरूर मनचले भाग जाते हैं. पहले तो डर की वजह से लड़कियां कॉलेज ही नहीं आती थी. अब भी डर लगा ही रहता है.

गुलआफ्शां