- 96 हजार रुपए के जाली नोटों के साथ एक महिला समेत 6 गिरफ्तार

- 96 लाख के चूरन लेबल के नोट भी बरामद

देहरादून,

दून पुलिस ने जाली नोट चलाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. गिरोह के सदस्यों से 96 हजार रुपए के जाली नोट व 96 लाख के चूरन लेबल के नोट बरामद हुए हैं. गिरोह का सरगना राजमिस्त्री है. जो अपने दो बेटों और एक महिला समेत 6 लोगों के साथ जाली नोट खपाने के चक्कर में घूम रहा था. गिरोह के लोग दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड में कार से घूमकर लोगों से असली नोट लेकर उन्हें दो से तीन गुना नकली नोट देते थे. विश्वास जमाने के लिए दो-दो हजार के चूरन वाले नोटों की गड़्िडयां दूर से दिखाकर झांसा देते थे.

रुटीन चेकिंग के दौरान दबोचा गिरोह

एसएसपी निवेदिता कुकरेती द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सहसपुर पुलिस इलाके में रुटीन चेकिंग कर रही थी, इसी दौरान इन्फॉर्मर द्वारा सूचना दी गई कि दिल्ली नंबर की एक कार में जाली नोटों की खेप ले जाई जा रही है. कार में एक महिला समेत 6 लोग सवार हैं, जो इन नोटों को चलाने के लिए ग्राहक की तलाश में सहसपुर इलाके में घूम रहे हैं. चेकिंग के दौरान डीएल 1सीटी 3837 नंबर की कार बैरियर पर पहुंची. जिसकी तलाशी ली गई तो जाली नोटों की खेप बरामद हुई. पुलिस ने कार में सवार महिला समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

इतने जाली नोट बरामद

- 500 रुपए के 93 नोट (न्यू करेंसी)

- 100 रुपए के 182 नोट (न्यू करेंसी)

- 100 रुपए के 313 नोट (ओल्ड करेंसी)

96 लाख के चूरन लेबल नोट

गिरोह के कब्जे से दो-दो हजार रुपए के चूरन लेबल नोटों की 48 गड्डी मिली हैं. जिन्हें वे धोखे से चलाने की फिराक में थे. असल में यह नोट बच्चों के खिलौनों के रूप में प्रचलित हैं.

ये भी बरामद

स्कैनर, प्रिंटर- 100 रऔर 500 रुपए के जाली नोट इन्हीं मशीनों से प्रिंट किए गए थे.

कैमिकल की बॉटल- इस कैमिकल में गिरोह लोगों से असली नोट डुबोने पर बदले में तीन गुना जाली नोट देकर धोखा देते थे.

कार- दिल्ली नंबर (डीएल 1सीटी 3837) में पकड़े गए बदमाश और जाली नोट.

राजमिस्त्री है गिरोह का सरगना

गिरोह का सरगना राज मिस्त्री मदन शर्मा है. पूछताछ में उसने बताया कि जल्द अमीर बनने के चक्कर में उसने अपने दो बेटों राहुल और आकाश के साथ जाली नोटों का धंधा करने के लिए गैंग खड़ी की. बताया कि 6 माह पहले सहारनपुर में एक व्यक्ति से हुई थी जिसने उसे जाली नोटों के इस कारोबार के बारे में बताया था.

प्रॉपर्टी डीलिंग में घाटा तो गैंग में शामिल

दो बेटों के साथ मदन शर्मा की गैंग में एक महिला भावना, सलमान और मनदीप भी शामिल हैं, जो प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा करते थे लेकिन धंधे में नुकसान होने के चलते वे मदन शर्मा के साथ जाली नोटों का कारोबार करने लगे. तीनों के एक परिचित ने ही उनकी मुलाकात मदन शर्मा से कराई थी.

20 लाख रुपए के चला चुके थे जाली नोट

पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि गिरोह लंबे समय से इस काले कारोबार में लगा था. अब तक गिरोह 50 लोगों को ठग चुका है और करीब 20 लाख रुपए के जाली नोट बाजार में खपा चुका है.

हरियाणा और यूपी में भी धोखा

गिरोह का दायरा सिर्फ उत्तराखंड तक सीमित नहीं है, यूपी और हरियाणा में भी गिरोह जाली नोटों की खेप खपा चुका है. कार के जरिए पूरी गैंग जाली नोट लेकर दोनों राज्यों में घूम चुकी है और कई लोगों को झांसे में ले चुकी है. पुलिस गिरोह के संबंध में और इनपुट जुटा रही है.

असली नोटों के बदले 3 गुना जाली नोट

गैंग द्वारा लोगों को झांसे में लेकर जाली नोटों का सौदा किया जाता था. वे असली नोटों के बदले दो से तीन गुना जाली नोट लोगों को देते थे. जिससे लोग आसानी से उनके बहकावे में आ जाते थे और बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले जाली नोट ले लेते थे.

ये हैं आरोपी

मदन शर्मा (52) पुत्र भोपाल निवासी कृष्णा नगर, हरिद्वार.(सरगना)

आकाश (24) पुत्र् मदन शर्मा.

राहुल (19) पुत्र मदन शर्मा.

सलमान महमूद (37) पुत्र महमूद खां निवासी मेरठ, यूपी.

मनदीप शर्मा (26) पुत्र ओमप्रकाश, निवासी नांगल, हरियाणा.

भावना कुमार (36) पत्नी राम कुमार विासी कैलाश कॉलोनी, दिल्ली.

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पुलिस ने चेकिंग के दौरान कार सवार गिरोह को पकड़ा. कार से 96 हजार रुपए की जाली करेंसी और 96 लाख के चूरन लेबल के नोट बरामद हुए हैं. गिरोह की पूरी पड़ताल की जा रही है.

निवेदिता कुकरेती, एसएसपी, देहरादून.