इसरो की टीम पहुंचे प्रयागराज कैंपस, आज साइन होगा एमओयू

<इसरो की टीम पहुंचे प्रयागराज कैंपस, आज साइन होगा एमओयू

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PRAYAGRAJ: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद के इतिहास में मंगलवार का दिन इतिहास बनाने सरीखा साबित होने जा रहा है. संस्था भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो से हाथ मिलाने जा रहा है. रिसर्च फील्ड में संस्थान के छात्र इसरो के साथ मिलकर काम करेंगे. मंगलवार को दोनों संस्थानों के प्रतिनिधि एमओयू साइन करेंगे. इसके लिए इसरो का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को झलवा कैंपस पहुंच गया.

पांच वर्षो का होगा करार

शिक्षा व अनुसंधान के क्षेत्र में एमओयू पर हस्ताक्षर करने के लिए इसरो में क्षमता निर्माण प्रोग्राम के डायरेक्टर डॉ. पीवी वेंकटकृष्ण व सहायक निदेशक डॉ. जयप्रकाश वी थामस सोमवार को यहां पहुंचे. संस्थान के डायरेक्टर प्रो. पी नागभूषण व अन्य फैकेल्टी मेंबर्स ने उनका वेलकम किया. ट्रिपलआईटी व इसरो के बीच समझौते के तहत पांच वर्ष तक साथ काम करेंगे. इसके लिए ट्रिपलआईटी इलाहाबाद इसरो में कार्यरत पेशेवरों के लिए पीएचडी, एमटेक, एमबीए फॉर प्रोफेशनल्स प्रोग्राम की सुविधा मुहैया कराएगा. इसका उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच नौकरी के साथ-साथ अनवरत सीखने पर बल देना होगा.

यह भी मिलेगी सुविधा

-दोनों संस्थान संयुक्त रूप से शिक्षा कार्यक्रमों को विकसित करेंगे. लघु अवधि के लिए वैज्ञानिकों, संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, विद्वानों, तकनीकी कर्मचारियों व छात्रों का आदान-प्रदान एक-दूसरे के यहां संभव हो जाएगा.

-नियम व शर्तो के जरिए दोनों संयुक्त रूप से थीसिस पर्यवेक्षण, अनुसंधान परियोजनाओं, प्रकाशनों, कॉपीराइट और पेटेंट की सुविधा के लिए कार्य करेंगे.

-टेक्निकल मिटिंग, इंटरनेशनल वर्कशाप, सम्मेलन, सेमिनार, फेकेलिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम आदि में दोनों मिलकर कर आगे बढ़ेंगे. विभिन्न शैक्षणिक, अनुसंधान गतिविधियों और परामर्श गतिविधियों में परस्पर सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा.

-सतत शिक्षा प्रोग्राम के भीतर लर्निग-वर्किंग मोड के माध्यम से इसरो के रिसर्च छात्रों व तकनीकी कर्मचारियों के सकल योग्यता सूचकांक में सुधार लाया जाएगा.

-वीडियो उपग्रह लिंक की स्थापना, ई-क्लास रूम, लैब, पाठ्यक्रम, अनुसंधान, प्रयोगशालाओं की स्थापना, प्रशिक्षण व पुस्तकालय आदि के विकास में दोनों संस्थान एक-दूसरे की सहायता प्रदान करेंगे.

-दोनों संस्थान मिलकर शैक्षणिक और अनुसंधान बुनियादी ढांचे के उपयोग द्वारा निर्दिष्ट जनशक्ति के प्रशिक्षण की सुविधा के लिए कार्य करेंगे.

संस्थान ने नई उपलब्धि हासिल की है. अब इसरो के साथ मिलकर शिक्षा व अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा. समझौते के तहत पांच वर्ष की अवधि तक कई अहम विषयों पर कार्य करने का अवसर मिलेगा.

प्रो. पी नाग भूषण,

निदेशक आईआईआईटी