कृष्णा नगर के वाशिंदों में जगी न्याय की आस

पब्लिक की डिमांड, न्यायोचित तरीके से हो कार्रवाई

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PRAYAGRAJ: कृष्णा नगर कीडगंज कोहरान बस्ती की जिस जमीन पर 54 परिवार रह रहे हैं, उसे पूर्वोत्तर रेलवे ने अपनी जमीन बताते हुए खाली कराने की नोटिस जारी की थी. इसका लोगों ने विरोध किया. डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया. जिसके आधार पर पूर्वोत्तर रेलवे एक बार फिर से पैमाइश कराने को तैयार हो गया है. अब कृष्णा नगर कॉलोनी के लोगों को रेलवे द्वारा कराए जाने वाले पैमाइश से न्याय की आस लगी है. कॉलोनी के लोगों ने शनिवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपनी बात रखी.

माना नोटिस में हो सकती है गलती

पूर्व पार्षद गणेश केसरवानी ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा जिस जमीन को खाली कराने की नोटिस जारी की गई थी. उसके विरोध में प्रभावित होने वाले भवन स्वामियों ने डीएम को ज्ञापन सौंप कर न्याय की मांग की थी. जिस पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि वे भवन स्वामियों और रेलवे के अधिकारियों को आमने-सामने बैठावें. रामबाग रेलवे स्टेशन के अतिथि गृह में हुई बैठक में रेलवे अधिकारियों ने यह स्वीकार किया कि नोटिस गलत जारी हो गया है. जिस पर रेलवे अधिकारियों ने नोटिस को कैंसिल करते हुए दुबारा पैमाइश कराने का आश्वासन दिया.

रिकार्ड में नहीं है रेलवे का नाम

अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा जो जमीन अपनी बताई जा रही है, उस पर रेलवे कॉलोनी और अन्य कार्यालय बने हुए हैं. कृष्णा नगर की जिस जमीन को रेलवे अपना बता रही है, उस जमीन पर 54 परिवार काबिज हैं.

कृष्णा नगर के वाशिंदों का तर्क

रेलवे ने छेदी लाल से जो मुकदमा जीता है, उस मुकदमे में 54 भवन स्वामियों में कोई भी पक्षकार नहीं है.

जिस जमीन पर 54 परिवारों का कब्जा दखल पिछले करीब 60 वर्षो से बरकरार है. उन जमीनों के सरकारी अभिलेखों में रेलवे का नाम दर्ज नहीं है, न ही कोई कब्जा रहा है.

रेलवे ने क्रास्टवेट कॉलेज के बगल में स्वयं की कॉलोनी, दुकान आदि बनाकर खुद कब्जा कर रखा है.