दुबई (रॉयटर्स)। ईरान ने शनिवार को कबूल किया कि उसकी सेना ने गलती से यूक्रेनी यात्री विमान को मार गिराया है। बता दें कि विमान इस सप्ताह की शुरुआत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सभी 176 सवार मारे गए थे। हालांकि, सरकार बार-बार अन्य देशों उन आरोपों को खारिज करती रही, जिसमें कहा जा रहा था कि ईरान ने ही विमान को मार गिराया है लेकिन देश ने अब हमले की जिम्मेदारी ले ली है। बुधवार सुबह इराक में दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले के दौरान ही ईरान ने विमान को मार गिराया था। यह हमला पिछले हफ्ते अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए सैन्य जनरल कासिम सोलेमानी के जवाब में किया गया था। अमेरिका से बढे तनाव के बीच विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद ईरान पर दबाव बढ़ गया था।

दोषियों को मिलेगी सजा

कनाडा और अमेरिका ने पहले ही कहा था कि उनका मानना है कि एक ईरानी मिसाइल ने विमान को मार गिराया है। हालांकि, इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि यह संभवतः एक दुर्घटना थी। बता दें कि कनाडा के 57 लोग उस विमान में सवार थे। कनाडा के विदेश मंत्री ने ईरान से कहा था दुनिया देख रही है। अपनी गलती को स्वीकार करते हुए ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ट्विटर पर लिखा, 'ईरान को इस विनाशकारी गलती पर बहुत पछतावा है। मेरे विचार और प्रार्थनाएं सभी शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। इस अपराध के लिए माफी नहीं दी जा सकती है। जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा, उसे सजा जरूर मिलेगी।' बता दें कि पीड़ितों अन्य देशों के अलावा कई ईरानी नागरिक भी हैं।


मानवीय भूल के कारण हुई यह आपदा

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने विमान दुर्घटना को लेकर सशस्त्र बलों की जांच का हवाला देते हुए ट्विटर पर लिखा है कि अमेरिकी साहसिकवाद के कारण संकट के समय मानवीय भूल के कारण यह आपदा हुई। इसके अलावा, ईरानी सेना ने अपने बयान में कहा कि विमान देश के सेंसिटिव इलाके के ऊपर से गुजर रहा था, तभी उसे गलती से उड़ा दिया गया। सेना ने कहा कि जो भी इस हमले के लिए जिम्मेदार होगा, उसे सख्त सजा दी जाएगी। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि वह एक आधिकारिक माफी और पूर्ण सहयोग चाहते हैं। उनका कहना है कि जो जिम्मेदार हैं कि उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

Posted By: Mukul Kumar

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