रांची(ब्यूरो)। राजधानी रांची में क्राइम कंट्रोल करने के लिए अब रांची पुलिस भी बुलडोजर का सहारा लेगी। अपराधियों के अवैध मकान-दुकान और अतिक्रमण कर बनाए गए कंस्ट्रक्शन को ध्वस्त करने की तैयारी में पुलिस विभाग जुट गया है। किन अपराधियों ने किस तरह धन अर्जित कर मकान, दुकान या दूसरी संरचना तैयार की है, या फिर किसी भी प्रकार की चल-अचल संपत्ति खड़ा की है, इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। रांची पुलिस कुख्यात अपराधियों पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर चुकी है। पुलिस अपराध के पैसे से अर्जित की गई चल-अचल संपत्तियों को न सिर्फ जब्त करेगी, बल्कि अपराधियों द्वारा अतिक्रमण या फिर जबरन कब्जा कर बनाए गए मकान-दुकान को ध्वस्त करने का भी काम करेगी। यह पूरी कार्रवाई रांची रेंज के डीआईजी अनूप बिरथरे के आदेश के पर की जा रही है। अनूप बिरथरे ने सभी थानेदारों को अपराधियों और उनके द्वारा अर्जित चल-अचल संपत्ति का ब्योरा तैयार करने का निर्देश दिया है।

आइटी से ली जाएगी हेल्प

अपराधियों द्वारा अर्जित कर बनाए गए मकान-दुकान की रिपोर्ट तैयार करने के लिए पुलिस विभाग नगर निगम, इनकम टैक्स विभाग और जिला प्रशासन से भी सहयोग लेगी। इसके लिए पुलिस की ओर से तीनों विभागों को पत्र भेजा गया है। इन विभागों को पुलिस विभाग की ओर से ही अपराधियों द्वारा अर्जित चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा दिया जाएगा, ताकि जिला प्रशासन, इनकम टैक्स और नगर निगम भी अपने स्तर से इसकी जांच कर सके। मकानों व दुकानों को ध्वस्त करने से पहले इससे जुड़े अपराधियों को नोटिस भी भेजा जाएगा। इसके बाद ही तोडऩे की कार्रवाई होगी। इस संबंध में सभी एसएसपी समेत जिले के सभी थाना प्रभारियों को भी अपराधियों की चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा इक्ट्ठा करने का टास्क दिया गया है।

क्रिमिनल्स की लिस्ट तैयार

रांची पुलिस ने अब तक 107 अपराधियों की सूची तैयार कर ली है। इनमें कई अपराधी फिलहाल जेल में हैं तो कई जमानत पर हैं। इनमें कुख्यात अपराधियों की सूची अलग से तैयार कराई जा रही है। ये वैसे अपराधी हैं जिनपर विभिन्न थानों में दस या उससे अधिक केस दर्ज हैं। इस सूची में अमन साहू, अमन साव व अन्य गैंगस्टर्स भी शामिल हैं। इन कुख्यात अपराधियों की चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा पुलिस इकट्ठा कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि अपराधियों ने अपने नाम पर कितने मकान, दुकान, जमीन, गाड़ी आदि ले रखी है। ब्योरा इकट्ठा करने के बाद पुलिस उसे इनकम टैक्स विभाग को भेजेगी। इनकम टैक्स उन चल-अचल संपत्तियों का आकलन कर टैक्स का भुगतान होने की जानकारी इकट्ठा करेगी। साथ ही अर्जित संपत्ति के स्रोत का भी पता लगाया जाएगा। प्रशासन से अपराधियों की खरीदी गई जमीन के बारे में जानकारी ली जाएगी।

बिना नक्शा भवन होंगे सीज

मकान-दुकान या कोई भी संरचना सरकारी जमीन पर हो या फिर रैयती जमीन पर। भवन के नक्शे की भी जांच कराई जाएगी। बगैर नक्शा बने भवनों को सीज करने का आदेश दिया गया है। इसके लिए जमानत लेने वाले अपराधियों पर भी पुलिस दोबारा जांच कराने जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, कई अपराधियों ने फर्जी जमानतदार खड़े कर जमानत ले ली है। ऐसे में जमानतदारों की जांच कराई जाएगी। जमानतदारों का भौतिक सत्यापन कराकर, फर्जी पाए जाने पर उनकी जमानत रद्द करवाई जाएगी। इस संबंध में न्यायालय से आदेश लेकर कार्रवाई होगी। सिटी में 98 अपराधियों के जमानतदारों का फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जा रहा है।

दूसरों के नाम ली संपत्ति की जांच

पुलिस ने कुख्यात अपराधियों पर कठोर कार्रवाई करने का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। भवन को ध्वस्त करने से पहले इसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल भी कराई जाएगी। कई बार शातिर अपराधी खुद के नाम से संपत्ति न लेकर अपने परिचित के नाम पर संपत्ति अर्जित करते हैं। ऐसे में पुलिस इस एंगल से भी संपत्तियों की जांच करेगी। कुख्यात अपराधियों की ओर से दूसरे के नाम पर संपत्ति खरीदी गई है तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। जमीन, मकान, गाड़ी आदि जिनके भी नाम से पाया जाएगा, उनसे आय का स्रोत मांगा जाएगा। यदि आय का स्रोत बताने में असमर्थ पाए गए तो संपत्ति जब्त करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।