- मडि़यावं स्थित एसएस हॉस्पिटल का हाल

- इलाज के नाम पर लूट रहे मरीजों को

lucknow@inext.co.in

LUCKNOW: ऑपरेशन के लिए रकम तय हो गई. फिर भी बिल ढाई गुने से ज्यादा का बना दिया. मरीज के परिजनों ने जब असमर्थता जताई तो डॉक्टर और कर्मचारियों ने पहले तो उन्हें बंधक बना लिया फिर खूब धुनाई भी कर दी. परिजन बाद में पुलिस के पास गए तो पुलिस ने भी दबाव डालकर समझौता करा दिया.

मामला मडि़यांव थानान्तर्गत सीतापुर रोड स्थित एसएस हॉस्पिटल का है. सीतापुर के करौंदी निवासी प्रहलाद ने फ् अक्टूबर को हॉस्पिटल में अपनी पत्‍‌नी प्रेमा (ब्0) का अल्ट्रासाउंड कराया था. इसके लिए डॉ. एसके शर्मा ने परिजनों से ख्म्00 रुपए लिए. प्रहलाद का आरोप है कि अल्ट्रासाउंड में डॉक्टर ने बताया कि बच्चा मर चुका है. जिसके बाद डॉक्टर ने तुरंत ऑपरेशन कराने को कहा. डॉक्टर ने कहा कि क्भ्000 में सब कुछ हो जाएगा. उसी दिन रात में ऑपरेशन हो गया. लेकिन परिजनों से क्9 हजार रुपए जमा करा लिए गए. जब ऑपरेशन हो गया और छुट्टी की बारी आई तो ब्म् हजार रुपए का बिल पकड़ा दिया.

प्रहलाद के अनुसार जब उन्होंने ओर पैसा जमा करने में असमर्थता जताई तो अस्पताल के कर्मचारियों ने मिलकर उन्हें और भाई ओम प्रकाश की पिटाई कर दी. जिसमें दोनों को गम्भीर चोटे आई. परिजनों का आरोप है कि जब वह थाने रिपोर्ट लिखाने पहुंचे तो उन पर दबाव डालकर समझौता करा दिया गया.

बना दिया एक लाख का बिल

इसी अस्पताल में सीतापुर की एक अन्य मरीज सीमा देवी पत्‍‌नी शिव प्रकाश निवासी बसंत पुर रेऊसा का भी भी बच्चा पेट में ही मर गया था. डॉक्टरों ने मरीज के ऑपरेशन कर बच्चा बाहर करने के लिए फ्8 हजार रुपए लेने की बात कही थी. लेकिन बाद में क् लाख रुपए का बिल बना दिया. कई डॉक्टर और कर्मचारियों ने मिलकर मरीज को दो दिन से बंधक बना रखा है. शिव प्रकाश भी मंगलवार को मडि़यावं थाने एफआईआर के लिए पहुंचे लेकिन उन्हें समझा बुझा कर भगा दिया गया.