हर साल बरसात में जलमग्न हो जाती है गलियां

Meerut. कैंट इलाके का सबसे प्रमुख इलाका लालकुर्ती हर साल बरसात में जलभराव की समस्या से जूझता है. पुराना मोहल्ले के कारण इस क्षेत्र से जलनिकासी केवल नालियों तक सीमित है. संकरी गलियों के बीच बरसात का पानी दो दो फुट तक भर जाता है. जिसे निकलने पर 8 से 10 घंटे का समय लग जाता है. इस कारण से लालकुर्ती का मेन बाजार बरसात के दिनों में अधिकतर समय पानी में डूबा रहता है. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने जलभराव की इस समस्या के निस्तारण के लिए लोगों से जानकारी ली और समस्या के कारण को जानने का प्रयास किया.

नही है सीवरेज व्यवस्था

लालकुर्ती एरिया कैंट का सबसे पुराना इलाका है. यहां की गलियां संकरी होने के कारण सीवर लाइन की व्यवस्था अभी तक कई जगह पर नही है खासतौर पर लालकुर्ती का मेन मार्केट में अभी तक सीवर लाइन नही बिछ पाई है. जिस कारण से इस मेन मार्केट का पानी केवल नालियों से निकलता हुआ आबूनाले में जाकर गिरता है. लेकिन जरा सी तेज बारिश होते ही लालकुर्ती का सारा पानी नालियों से ओवर फ्लो होकर बाहर सड़क पर भर जाता है. मेन बाजार में बरसात के दिनों में दो दो फुट तक पानी भरना आम सी बात है. जिस कारण से यहां व्यापारियों ने भी अब दुकान को दो दो फुट ऊंचा उठा लिया है.

बड़ा बाजार का हाल-बेहाल

बरसात में सबसे अधिक प्रभावित लालकुर्ती का बड़ा बाजार समेत हंडिया मोहल्ला और घोसी मोहल्ला में पानी भरता है. इन इलाकों में बाजार होने के कारण नालियों पर अतिक्रमण है. जिस कारण से नालियों की साफ सफाई नही हो पाती और नालियों में गंदगी के कारण बरसात का पानी ओवर फ्लो होकर बाहर सड़क पर भर जाता है. अब कैंट बोर्ड ने इन इलाकों में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए सीवर लाइन डालने की योजना पर काम शुरु किया है.

जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए सीवर लाइन का प्रस्ताव बोर्ड बैठक पर रखा गया था. जिस पर जल्द काम शुरु होगा इसके बाद बरसात के सीजन में जलभराव की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी.

बीना वाधवा, वार्ड 3 पार्षद

बरसात में दुकानों के अंदर तक पानी भर जाता है. जिस कारण से अधिकतर व्यापारियों ने दुकानों के आगे छोटी सी बाउंड्री बनाई हुई ताकि पानी दुकानों के अंदर ना भरे. नालियों की सफाई सही से हो जाए तो भी पानी ना भरे.

प्रतीक अग्रवाल

बरसात में पानी भरने का बस यही कारण है कि बाजार की नालियों में कूड़ा भरा रहता है जिस कारण से जल निकासी नही हो पाती है और बरसात में सड़क पर पानी भर जाता है.

रविंद्र

सड़कें छोटी है और बाजार का सारा कूड़ा नालियों में बहता है. साथ ही कई मोहल्लों मे डेयरियां बनी हुई है जिनका गोबर भी नालियों में भर जाता है और जाम कर देता है. बरसात में साफ सफाई सही से हो तो जलभराव काफी हद तक ना हो.

कुलदीप