-गर्दनीबाग में धरना स्थल बन गया रणक्षेत्र, घेरा तोड़ा तो पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल, फिर आंसू गैस के गोले दागे

patna@inext.co.in

PATNA: राजधानी में गुरुवार को गर्दनीबाग एरिया गुरुजी के लिए रणक्षेत्र बन गया. समान कार्य-समान वेतन सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर विधानसभा के समक्ष धरना और प्रदर्शन करने पहुंचे नियोजित टीचर्स ने पत्थरबाजी कर गेट तोड़ डाले तो पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाई. इसमें एक दर्जन से अधिक शिक्षक गंभीर रूप से जख्मी हो गए. पत्थरबाजी में फतुहा थानाध्यक्ष के गार्ड का सिर फट गया. पुलिस ने पांच शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया. पूर्व घोषणा के तहत बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति सहित 18 संघों के संयुक्त आह्वान पर गुरुवार को शिक्षक विधानसभा के समक्ष धरना व प्रदर्शन करने पहुंचे थे. गर्दनीबाग धरनास्थल पर पहले से अलर्ट पुलिस ने घेराबंदी कर दी. इसके बाद विधानसभा की तरफ जाने के लिए शिक्षक एकजुट हुए और गेट को तोड़ दिया. इसके बाद पुलिस पर पत्थर चलाए. पुलिस ने पहले वाटर कैनन का उपयोग किया फिर अश्रु गैस के गोले छोड़े. फिर लाठीचार्ज कर दिया. कई टीचर जख्मी हो गए.

ये टीचर हुए जख्मी

टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक, प्रवक्ता अश्विनी पांडेय, अनिल राय (रोहतास), अमित कुमार एवं सर्वेश मिश्रा (सीतामढ़ी), सद्दाम अंसारी, विवेक कुमार, मृत्युंजय सिंह (मुजफ्फरपुर), राहुल विकास, मुकेश मिश्रा, ज्ञानप्रकाश (बेगूसराय), प्रियरंजन सिंह, तरुण पासवान, कार्तिक कुमार, सुरेश प्रसाद, ओमप्रकाश सिंह, राहुल कुमार (पूर्वी चंपारण), कुमार मितेन्दु, सतीश कुमार, जयप्रकाश सिंह, चंदन पटेल, कुमार अमिताभ, सरला कुमारी, अशोक साहू, अजय कुमार, अमित विक्रम, आनंद कौशल, शिक्षक नेता प्रदीप कुमार पप्पू, सोनू मिश्रा एवं ताजुद्दीन, अमरेंद्र पांडेय आदि शामिल हैं.

संघर्ष समिति की ये प्रमुख मांगें

-पुराने नियमित शिक्षकों की भांति नियोजित शिक्षकों को वेतनमान एवं हूबहू सेवा शर्त लागू की जाए.

-पुरानी पेंशन योजना से सभी नियोजित शिक्षकों को भी कवर किया जाए.

-सामान्य भविष्य निधि एवं ग्रुप बीमा से सभी शिक्षकों को कवर किया जाए.

-शिक्षकों के अप्रशिक्षित आश्रितों की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की जाए. वर्ष 2006 से पूर्व अनुकंपा समिति द्वारा अनुशंसित शिक्षकों को अनुशंसा की तिथि से पूर्ण वेतनमान दिया जाए.

-समान स्कूल प्रणाली लागू की जाए. सत्र शुरू होने से पूर्व छात्रों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं.

-शिक्षकों को सभी प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्यो से मुक्त कर समय से वेतन दिया जाए.

-शहरी क्षेत्रों में कार्यरत सभी नियोजित शिक्षकों को शहरी परिवहन भत्ता का लाभ दिया जाए.