यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा दो साल में ही दम तोड़ने लगा जनरथ बसों का बेड़ा

2019-07-09T13:27:08Z

टूटी फ्लोरिंग पंखे और पर्दे गायब एसी फिल्टर जाली टूटी। यह हाल है उन एसी जनरथ बसों को जो परिवहन निगम की शान कही जाती हैं।

2 साल पहले शुरू हुई थी जनरथ बस सेवा
367 जनरथ बसें चलाई गई थीं
104 जनरथ बसें अवध डिपो के बेड़े में
108 हादसे अवध डिपो की जनरथ बसों से
 मेंटीनेंस की कमी के चलते बदहाल होती जा रही हैं जनरथ बसें
- जिस बस का पीएम ने किया था शुभारंभ, उसमें ही नहीं मिला वाइपर
- लगातार हादसों का शिकार हो रही हैं जनरथ बसें
lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : टूटी फ्लोरिंग, पंखे और पर्दे गायब, एसी फिल्टर जाली टूटी। यह हाल है उन एसी जनरथ बसों को जो परिवहन निगम की शान कही जाती हैं। दो साल पहले ही निगम के बस बेड़े में शामिल हुई इन बसों की कंडीशन जर्जर हो गई है। इन बसों की ये हालत मेंटीनेंस की कमी से हुई है। रोडवेज अधिकारियों ने उस बस के मेंटीनेंस में भी लापरवाही बरती जो पीएम की महत्वाकांक्षी योजना के तहत चलाई गई थी।

गुस्से में ड्राइवर

सोमवार को परिवहन निगम के अधिकारी हादसे के बाद जब कैसरबाग स्थित अवध डिपो पहुंचे तो इन बसों को चलाने वाले ड्राइवर आक्रोशित हो गए। अधिकारियों ने पहले इन्हें समझाया फिर इन बसों का निरीक्षण भी किया। ड्राइवर्स का कहना है कि अवध डिपो के बेड़े में शामिल 104 बसों से अब तक 108 हादसे हो चुके हैं। जिसके चलते अधिकतर बसों में सिंगल स्क्रीन खत्म हो चुकी है। जुगाड़ लगाकर डबल स्क्रीन वाली बसों का संचालन हो रहा है।
अनफिट बसें रोड पर
एसी जनरथ बसों में अधिकतर की सीटें फटी हैं, फ्लोरिंग भी जगह-जगह से टूटी है। बारिश के सीजन में अधिकांश बसों में पानी चू रहा है। इन्हें चलाने वाले ड्राइवर्स का कहना है कि जब हम बिना मेंटीनेंस के इन बसों को डिपो से बाहर ले जाने से मना करते हैं तो उन्हें ड्यूटी न दिए जाने की धमकी दी जाती है। ऐसे में मजबूरी में वे इन अनफिट बसों को चला रहे हैं।
पीएम ने दिखाई थी हरी झंडी
निरीक्षण के दौरान नेपाल के जनकपुर से सुबह आई जनरथ बस जब यहां पहुंची तो उसमें वाइपर नहीं लगा था। अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत बस में वाइपर लगाने के निर्देश दिए। ड्राइवर्स ने बताया कि कई दिनों से इस बस में वाइपर लगाने के लिए कहा जा रहा था लेकिन तब कोई सुनवाई नहीं हुई। बताते चलें कि पीएम मोदी ने नेपाल के जनकपुर से अयोध्या के लिए बस सेवा को हरी झंडी दिखाई थी। इस बस सेवा को लखनऊ से अयोध्या होते हुए जनकपुर तक संचालन किया जा रहा है।
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'जनरथ बसों में कुछ कमियां हैं, उन्हें जल्द ही दूर किया जाएगा। इन बसों की मेंटीनेंस लगातार की जाती है। रोडवेज में दो साल पहले 367 जनरथ बसों को शामिल किया गया था। पहले भी इनमें शिकायतें आ चुकी हैं।'
जयदीप वर्मा, मुख्य प्रधान प्रबंधक, संचालन परिवहन निगम

 

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