स्वर्ग का दरवाजा है मातापिता का चरण किरीट भाई

2018-11-18T06:00:55Z

भागवत कथा के सातवें दिन हुआ महारास

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PRAYAGRAJ: प्रयागराज भागवतामृतम की ओर से केपी कॉलेज मैदान में चल रहे भागवत कथा के सातवें दिन महारास का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। सभी महिलाओं ने आकर्षक परिधान के साथ भगवान श्री कृष्ण की लीला करते हुए डांडिया नृत्य किया।

विराम लीला है रासलीला

कथा वाचक किरीट भाई ने कहा कि रासलीला, कामलीला नहीं, काम विराम लीला है। उन्होंने कहा कि गोपियों में क्या योग्यता थी, उन्होंने क्या उपाय किया, जिससे उन्हें महारास में प्रवेश मिला। हम आप भी वह प्रयास क्यों नहीं कर सकते। उन्होंने माता-पिता के चरणों को ईश्वर के समकक्ष बताया। कहा कि माता-पिता का दाहिना चरण एवं बायां चरण स्वर्ग का दरवाजा है। आशीर्वाद कवच की तरह रक्षा करता है। यदि जीव पर गुरु कृपा, प्रभु कृपा, माता-पिता की कृपा, पितरों का आशीर्वाद और गरीबों की कृपा मिल जाए तो जीवन रूपी यात्रा सफल होती है।

दिया गया ह्वील चेयर

शनिवार को इनरव्हील क्लब ईस्ट द्वारा सात दिव्यांगों को ह्वील चेयर दिया गया। इसकी अध्यक्षता श्वेता मित्तल ने की। भागवत कथा के सातवें दिन पूर्व मंत्री लल्लन राय, राजेंद्र अवस्थी, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, एडीएम सिटी अशोक कनौजिया, सिटी मजिस्ट्रेट, रागिनी सिंह अध्यक्ष लायंस क्लब, दिलीप चौरसिया, डॉक्टर भूपेश दिवेदी, नागेंद्र सिंह, मुरारी लाल अग्रवाल अतिथि के रूप में मौजूद रहे। संचालन लालू मित्तल ने किया।


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