झारखंड का अरुण देव बना सुरों का सम्राट

2012-06-14T14:49:00Z

Patna सिंगिंग शो 'सुरों का महासंग्राम' के फाइनल में झारखंड के अरुण यादव ने बाजी मार ली रंगारंग कल्चरल मेगा इवेंट में बुधवार की रात पटना के बीएमपी ग्राउंड में विनर घोषित किया गया

अरुण को कुल सात लाख एक हजार वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर रहे सीवान, बिहार के प्रतीक. प्रतीक को कुल 6 लाख 93 हजार वोट मिले. थर्ड स्थान पर यूपी की कल्पना रही. तीन फाइनलिस्ट बिहार के प्रतीक राज, झारखंड से अरुण कुमार यादव और उत्तरप्रदेश से कल्पना के बीच मुकाबला हुआ. इस मौके पर भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी, संभावना सेठ, दिनेश लाल यादव निरहुआ, पाखी हेगड़े, छवि पांडेय, कल्पना, प्रवेश लाल यादव, शुभी शर्मा सहित अन्य स्टार्स मौजूद थे.


प्रतीक राज
बिहार के सिवान जिले के रहने वाले प्रतीक का बचपन से ही सपना था कि वह सिंगिंग स्टार बने. दिल्ली के गंगा इंटरनेशनल स्कूल में 12वीं का स्टूडेंट प्रतीक हजारों स्टूडेंट्स के बीच हुए कांप्टीशन के बाद इस मुकाम तक पहुंचा है. प्रतीक के पिता सुनील कुमार श्रीवास्तव सीमेंट का बिजनेस करते हैं.

अरुण देव यादव
झारखंड के साहेबगंज के रहने वाले अरुण भले ही एकेडमिक कॅरियर में टैक्स और अकाउंट से भिड़ते हों, पर उनका सपना सिंगर बनने का है. अरुण जमशेदपुर कॉलेज में एमकॉम के स्टूडेंट हैं और सुरों के महासंग्राम में झारखंड से दावेदार हैं. अरुण के पिता भुवनेश्वर प्रसाद यादव स्पोर्ट टीचर हैं.

कल्पना
तीनों फाइनलिस्ट में सबसे यंग हैं बनारस की कल्पना. पिता राम लखन सिंह यादव के नहीं रहने के बाद भाई रमण सिंह ने कल्पना को उसके सिंगिंग स्टार बनने में हेल्प की. रमण खुद भी एक म्यूजिक टीचर हैं. कल्पना अभी बनारस के एसवीएस पब्लिक स्कूल में 9वीं की स्टूडेंट है.


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