मेला बजट की पाईपाई पर नजर

2019-03-25T09:36:58Z

कुंभ कायरें के भुगतान से पूर्व कायरें के सत्यापन पर कमिश्नर ने कड़े किए तेवर

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PRAYAGRAJ:
कुंभ मेला सकुशल संपन्न हो गया. करोड़ों के विकास कार्य मेले के दौरान कराए गए. अब भुगतान की बारी है. इसे लेकर अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए हैं. शासन के सख्त तेवर को देखते हुए मेला प्रशासन ने संबंधित विभागों से पाई-पाई का हिसाब मांगा है. अगर किसी ने वित्तीय नियमों का पालन किए बिना गलत भुगतान किया तो उसे कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. कमिश्नर ने सभी कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुखों और विभागाध्यक्षों से कहा है कि कुंभ कायरें में दिये गये वर्कआर्डर से अधिक कोई भी भुगतान न किया जाए.

बिना परमिशन नहीं होगी खोदाई
कमिश्नर ने कुंभ के स्थायी कायरें के रखरखाव की समीक्षा की तथा सख्त हिदायत दी कि कुंभ के लिए बनायी गयी या मरम्मत की गयी सड़कों पर किसी भी दशा में खोदाई या तोड़-फोड़ जिलाधिकारी की अनुमति के बिना किया जाना दंडनीय होगा. सड़कों और अन्य अवस्थापनाओं से हुए विकास कार्यो को लंबे समय तक सुरक्षित व सजावट बनाए रखना हम सबका दायित्व है. उद्यान विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि गर्मी में भी सड़कों पर रखे गये गमले हरे-भरे रखे जायं. बैठक में कमिश्नर डॉ. आशीष गोयल, डीएम भानुचंद गोस्वामी, मेलाधिकारी विजय किरन आनंद आदि उपस्थित रहे.

सूखने लगे गमलों में पौधे

-गर्मी आते ही कुंभ के दौरान लगाये गये गमलों के पौधे सूखने लगे हैं, ये स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक है.

-उन्होंने इस स्थिति पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए सम्बन्धित ठेकेदार के भुगतान से कटौती करने के निर्देश दिए.

-हिदायत दी कि गमलों में लगे पौधों को निरंतर हरा-भरा रखा जाय एवं एक भी पौधा सूखने न पाए.


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