अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच बाइडन बने 46वें US प्रेसिडेंट, कमला हैरिस ने ली पहली महिला उपराष्ट्रपति की शपथ

जो बाइडन ने अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर बुधवार को शपथ ले ली। उनसे पहले कमला हैरिस ने अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति की शपथ ली। यह शपथ समारोह इस लिहाज से ऐतिहासिक था। ट्रंप समर्थक उपद्रवियों को ध्यान में रखते हुए इस मौके पर ऐहतियात के तौर पर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया था।

Updated Date: Wed, 20 Jan 2021 11:09 PM (IST)

वाशिंगटन (पीटीआई)। 78 वर्षीय डेमोक्रेट नेता जो बाइडन को अमेरिका के चीफ जस्टिस जाॅन राॅबर्ट्स ने राजधानी के वेस्ट फ्रंट पर शपथ दिलाई। यह अमेरिकी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह का परंपरागत स्थान है। दो सप्ताह पहले ही यहां भयंकर हिंसा देखने को मिली थी। इस शपथ ग्रहण समारोह के दौरान 25,000 नेशनल गार्ड की निगरानी में आयोजित किया गया। ऐसे में राजधानी शहर एक किले की तरह बन गई थी।अमेरिका के सबसे बुजुर्ग राष्ट्रपति बने बाइडन
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदाई के दौरान उनके समर्थकों ने भारी हिंसा की धमकी दी थी। 1869 के बाद ट्रंप पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जो अपने उत्तराधिकारी के शपथग्रहण समारोह में नहीं पहुंचे। उनसे पहले 1869 में एंड्रयू जॉनसन अपने उत्तराधिकारी के शपथग्रहण समारोह में नहीं पहुंचे थे। बाइडन अमेरिकी इतिहास में सबसे बुजुर्ग राष्ट्रपति बने हैं। उन्होंने 127 वर्ष पुराने बाइबल पर बांया हाथ रखकर अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। शपथ के दौरान उनकी पत्नी जिल बाइडन ने बाइबल अपने हाथ में पकड़ी थी।पहली ब्लैक, पहली इंडियन-अमेरिकन महिला उपराष्ट्रपति


बाइडन से थोड़ी देर पहले ही उनकी डिप्यूटी 56 वर्षीय कमला हैरिस ने अमेरिका के 49वें उपराष्ट्रपति की शपथ ली। सुप्रीम कोर्ट की पहली लैटिना मेंबर जस्टिस सोनिया सोतोमयोर ने कमला को उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। कमला हैरिस ने दुनिया के सबसे पुराने और ताकतवर लोकतंत्र की पहली महिला उपराष्ट्रपति बन कर इतिहास रच दिया है। वे पहली ब्लैक और पहली इंडियन-अमेरिकन महिला हैं जो उपराष्ट्रपति पद पर पहुंची हैं।59वें राष्ट्रपति शपथ ग्रहण के दौरान बंटा नजर आया अमेरिकाशपथ ग्रहण समारोह के दौरान पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जाॅर्ज डब्ल्यू बुश और बिल क्लिंटन माैजूद थे। इस मौके पर पूर्व पहली महिलाएं मिशेल ओबामा, लौरा बुश और हिलेरी क्लिंटन भी मौजूद थीं। पहले अमेरिका में मजेस्टिक नेशनल माॅल में देश भर से लोग आते थे और शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण हो जाता था, जो दुनिया भर के लोकतंत्र के लिए एक खास मौका होता था। लेकिन 59वें राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह अमेरिका में थोड़ा कड़वा और अलगाव के बीच संपन्न हुआ।

Posted By: Satyendra Kumar Singh
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