Chardham Yatra द्वितीय केदार मध्यमेश्वर के कपाट खुले

2019-05-22T10:17:31Z

Chardham Yatra पर द्वितीय केदार मध्यमेश्वर के कपाटोत्सव के मौके पर 200 से अधिक श्रद्धालु रहे मौजूद

dehradun@inext.co.in

RUDRAPRAYAG: रुद्रप्रयाग जिले में स्थित द्वितीय केदार भगवान मध्यमेश्वर के कपाट ट्यूजडे को पौराणिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए. कपाटोत्सव के मौके पर 200 से अधिक भक्तों ने बाबा मध्यमेश्वर के दर्शन किए. इस दौरान चारों ओर बाबा मध्यमेश्वर के जयघोष गुंजायमान रहे.

साढ़े ग्यारह बजे खुले मंदिर के कपाट
बाबा मध्यमेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली संडे को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से मध्यमेश्वर धाम के लिए रवाना हुई थी. मंडे को डोली रांसी से गौंडार पहुंची थी. ट्यूजडे सुबह साढ़े छह बजे गौंडार में पुजारी बागेश ¨लग ने बाबा की पूजा-अर्चना कर उन्हें भोग लगाया. इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मांगल गीतों के बीत डोली को मध्यमेश्वर धाम के लिए विदा किया. डोली भीमसी, वनतोली, कूनचट्टी व नानू होते सुबह दस बजे देवदर्शनी पहुंची. यहां मंदिर समिति, प्रशासन व स्थानीय भक्तों ने फूल व अक्षत से डोली का स्वागत किया.
हक-हकूकधारियों व मंदिर समिति ने कपाट खोलने की तैयारी
साथ ही हक-हकूकधारियों व मंदिर समिति ने कपाट खोलने की तैयारी शुरू कर दी. करीब एक घंटे देवदर्शनी में विश्राम करने के बाद डोली मंदिर परिसर पहुंची और वहां रखे गए पौराणिक बर्तनों का निरीक्षण किया. फिर मंदिर की एक परिक्रमा के करने के बाद ठीक साढ़े ग्यारह बजे पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच धाम के कपाट खोल दिए गए. इसके बाद पुजारी ने भगवान को समाधि से जागृत कर महाभिषेक पूजन शुरू किया गया. फिर भोगमूíत को गर्भगृह में विराजमान कर विशेष पूजा-अर्चना शुरू की गई. भक्तों ने भी भगवान का जलाभिषेक किया.

 

var width = '100%';var height = '360px';var div_id = 'playid34'; playvideo(url,width,height,type,div_id);


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.