Aaj ka Panchang 17 May: यह तिथि मंगल कार्य, संग्राम, शिल्प, वास्तु, भूषण के लिए शुभ, घर से दर्पण देखकर जाएं

Daily Panchang in Hindi 17 May 2021: तिथि नक्षत्र वार योग और करण से मिलकर पंचांग बनता है। रविवार 16 मई 2021 के दैनिक पंचाग के मुताबिक शुभ मुहूर्त राहुकाल सूर्योदय और सूर्यास्‍त का समय तिथि नक्षत्र सूर्य करण चंद्र व दिशाशूल की स्थिति मास व पक्ष की समस्‍त जानकारी यहां दी गई है।

Updated Date: Sun, 16 May 2021 07:21 PM (IST)

डाॅ. त्रिलोकीनाथ (ज्योतिषाचार्य और वास्तुविद)। Dainik Panchang 16 May 2021 सोमवार को षष्ठी तिथि 11:35:00 तक तदोपरान्त सप्तमी तिथि है। षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी हैं तथा सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्यदेव हैं। आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जाएं। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं तदोपरान्त अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध देव जी है। दिन का शुभ मुहूर्त, दिशाशूल की स्थिति, राहुकाल एवम् गुलिक काल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी आगे दी गई है।

17 मई 2021 दिन-सोमवार का पंचांग

सूर्योदयः- प्रातः 05:34:49
सूर्यास्तः- सायं 06:19:41
विशेष: जीवन में शुभ फलों के प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिव लिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध चढ़ाने से भगवान महादेव शिव की कृपा बरसती है।
विक्रम संवतः- 2078
शक संवतः- 1943
आयनः- उत्तरायण
ऋतुः- ग्रीष्म ऋतु
मासः- वैशाख माह
पक्षः- शुक्ल पक्ष
तिथिः- षष्ठी तिथि 11:35:00 तक तदोपरान्त सप्तमी तिथि
तिथि स्वामीः- षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी हैं तथा सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्यदेव हैं।
नक्षत्रः- आर्द्रा 29:01:46 तक तदोपरान्त अश्लेषा नक्षत्र
नक्षत्र स्वामीः- पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं तदोपरान्त अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध देव जी है।
योगः- गंड 02:47:00 तक तदोपरान्त वृद्धि
गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 01:59:00 से 03:41:00 तक
दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जाएं।
राहुकालः- आज का राहु काल 07:11:00 से 08:53:00 तक
तिथि का महत्वः- इस तिथि में नीम नही खाना चाहिए यह तिथि मंगल कार्य, संग्राम, शिल्प, वास्तु, भूषण के लिए शुभ है।
“हे तिथि स्वामी, दिन स्वामी, नक्षत्र स्वामी, योग स्वामी आप पंचांग का पाठन करने वालों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।”

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari
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