राजपुर रोड पर गोल्ड लोन कंपनी में डकैती

2018-12-01T06:00:26Z

आईआईएफएल गोल्ड लोन कंपनी में हुई वारदात

हथियार बंद बदमाश लूट ले गए कैश-ज्वैलरी

वॉल्ट नहीं खोल पाए , बच गया 12 करोड़ का सोना

देहरादून, राजपुर रोड पर फ्राइडे को दिन दहाड़े हथियारबंद बदमाशों ने आईआईएफएल गोल्ड लोन कंपनी की ब्रांच में डाका डाल दिया। मास्क लगाकर लोन कंपनी की ब्रांच में घुसे बदमाशों ने पिस्टल और चाकू की नोक पर पांच कर्मचारियों और तीन ग्राहकों को दो घंटे बंधक बनाए रखा। मैनेजर से मारपीट की। ज्वैलरी वॉल्ट नहीं खोल पाने पर बदमाश करीब 46 हजार रुपए और एक सोने की चेन छीन जाते समय सभी के मोबाइल लेकर एक केबिन में बंद कर गए। पुलिस इस मामले में वारदात स्थल का कोना-कोना खंगाल मारा, देर रात तक कर्मचारियों से भी पूछताछ की लेकिन न बदमाशों का पता चला न उनसे जुड़ा कोई साक्ष्य मिला।

हथियारों से लैस थे 4 नकाबपोश

वारदात सुबह 11: 30 बजे राजपुर रोड पर बहल चौक के पास मीडो प्लाजा में पहली मंजिल पर स्थित आईआईएफएस गोल्ड लोन कंपनी की ब्रांच में हुई। चार नकाबपोश बदमाशों ने पांच बैंक कर्मियों और तीन ग्राहकों को करीब दो घंटे तक हथियारों के दम पर लोन कंपनी की ब्रांच में ही बंधक बना लिया। कैश काउंटर में रखे 46 हजार से अधिक रुपए और एक महिला ग्राहक की चेन छीन ली। वारदात के दौरान बैंक में वॉल्ट सिस्टम को अपडेट करने आए दो इंजीनियर भी मौजूद थे। बदमाशों ने ब्रांच मैनेजर को गन प्वाइंट पर लेकर ज्वैलरी वॉल्ट रूम में ले जाकर उसे खुलवाना चाहा। इस बीच ब्रांच में दो कस्टमर पहुंचे तो बदमाशों ने उन्हें भी अंदर आने पर बंधक बना लिया। ज्वैलरी वॉल्ट दो चाभियों से खुलता है। बदमाशों ने जब चाभी मांगी तो एक कर्मचारी ने एक चाभी दे दी लेकिन दूसरे कर्मचारी ने वॉल्ट की मास्टर की छिपा ली। बदमाशों ने एक ही चाभी से काफी देर वॉल्ट खोलने की कोशिश की, वॉल्ट नहीं खुला तो कर्मचारियों से मारपीट भी की, लेकिन कर्मचारियों ने कम्प्यूटराज्ड सिस्टम के जरिए मेन ब्रांच से ओटीपी पर ही वॉल्ट खुलने की बात कह दी। करीब दो घंटे तक बदमाश कर्मचारियों और ग्राहकों को टॉर्चर करते रहे, वॉल्ट नहीं खोल पाए तो कर्मचारियों समेत सभी ग्राहकों के मोबाइल छीनकर केबिन में बंद कर दिया। सभी के मोबाइल स्विच ऑफ कर रिसेप्शन पर छोड़कर 46 हजार कैश और एक सोने की चेन लेकर बदमाश ब्रांच का गेट बाहर से बंद कर फरार हो गए।

कम्प्यूटर तोड़ा, डीवीआर ले गए कैमरों और हूटर के वायर भी काट दिए

बदमाशों ने ब्रांच में एंटर होते ही सबको काबू में कर कैमरे और हूटर के तार काटे और वारदात के बाद जाते समय सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिग वाली डीवीआर मशीन ही उठा ले गए। ऐसे में पुलिस को बदमाशों से जुड़ी कोई अहम जानकारी अभी नहीं मिल पायी है।

30 से 35 वर्ष की उम्र के थे बदमाश:

ब्रांच मैनेजर फिरदौस ने बताया कि बदमाशों ने मंकी कैप पहन रखी थी। उन्होंने सभी को मार-मार कर दहशत से भर दिया। सभी को नीचे देखने के लिए बोलते रहे। ऐसे में डर के मारे उनके चेहरों और हुलिये को सही से देख भी नहीं पाए। कद काठी और अवाज के आधार पर सभी की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच होने का अनुमान है।

ब्रांच में एक के बाद एक तीन बदमाश घुसे। सबने मंकी कैप पहनी थीं। चौथा बाद में आया और मेन गेट को कवर कर खड़ा हो गया। एक बदमाश ने कस्टमर काउंटर पर बैठी महिला कर्मचारी बीना की कनपटी पर पिस्टल रख दी। दो अन्य सीधे बैंक कर्मचारियों के केबिन में घुस गए। वहां मौजूद ब्रांच मैनेजर फिरदौस, विजेन सिंह, जयवीर और सारिक को चाकू व खुखरी की नोक पर ले लिया। इस दौरान एक महिला कस्टमर ऋचा भी लोन के सिलसिले में आई थी। पिस्टल वाले बदमाश ने रिसेप्शनिस्ट बीना और महिला कस्टर ऋचा को दूसरे केबिन में ले जाकर घुटनों के बल बिठा दिया। इस दौरान बदमाशों का चौथा साथी जो पहले बाहर था, ब्रांच के अंदर आ गया और मेन गेट का ब्लैक ग्लास लगा डोर अंदर से बंद कर वहीं खड़ा हो गया। इस दौरान लोन के बारे में पड़ताल करने ब्रांच आई महिला इरम और उसके भाई को भी बदमाशों ने अंदर लेकर बैठा लिया।

दो कर्मचारियों का कैश भी लूटा:

बदमाशों ने ब्रांच मैनेजर फिरदौस के पर्स से करीब 5 हजार से अधिक रुपए छीन लिए। रिसेप्शनिस्ट बीना के पर्स से भी करीब 300 रुपए निकाल लिए। बैंक कर्मचारी जयवीर नेगी की सोने की चेन और अंगूठी सलामत है। जयवीर कर कहना है कि उसकी चेन शर्ट और स्वेटर की वजह से बदमाशों को नजर नहीं आई और सोने की अंगूठी उसने चुपके से काउंटर के नीचे फेंक दी थी।

पुलिस ने कर दिया डकैती को लूट में बदलने का खेल:

इस मामले में गोल्ड लोन ब्रांच कर्मचारियों ने बताया कि तीन बदमाश अंदर आ गए थे। जिस बेखौफ अंदाज में बदमाशों ने दो घंटे तक ब्रांच में रहे, उसके आधार पर बैंक कर्मचारियों ने बताया कि बदमाशों के अन्य साथी बाहर भी निगरानी रख रहे होंगे। इधर पुलिस ने मामले में पूछताछ के बाद बदमाशों की संख्या चार ही मान रही है। गोल्ड लोन कंपनी के टेरीटरी मैनेजर पंकज की रिपोर्ट पर फिलहाल लूट का मामला दर्ज किया है।

एक कर्मचारी की सूझबूझ से बच गया 12 करोड़ का सोना :


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