डिफेंस एक्स्पो दिखेगी बदलते यूपी की तस्वीर कानपुर में 14 से 16 नवंबर के बीच होगा आयोजन

2018-11-06T09:30:02Z

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना डिफेंस कॉरीडोर को धरातल पर लाने के लिए यूपी सरकार ने कमर कस ली है।

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LUCKNOW आगामी 14 से 16 नवंबर को कानपुर के चंद्रशेखर आजाद यूनिवर्सिटी के स्टेडियम में यूपी डिफेंस एक्स्पो का आगाज होगा जिसमें देश-विदेश की डिफेंस प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां न केवल अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी बल्कि इससे यूपी के डिफेंस कॉरीडोर में बनने वाले उत्पादों की तस्वीर भी साफ हो जाएगी। इसका शुभारंभ केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस अवसर पर कंपनियों के साथ एमओयू भी साइन किए जाएंगे जो भविष्य में अलीगढ़ से लेकर बुंदेलखंड तक बनने वाले डिफेंस कॉरीडोर में अपने उद्योग स्थापित करेंगे।
50 से ज्यादा लगेंगे स्टॉल
डिफेंस एक्सपो में सरकारी विभागों, पीएसयू व प्राइवेट कंपनियों द्वारा 150 से ज्यादा स्टॉल लगाए जाएंगे जो डिफेंस प्रोडक्ट का प्रदर्शन करेंगे। इसमें खासतौर पर आयुध निर्माण से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपकरण शामिल होंगे। 'यूपी दि इमर्जिंग डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब इन इंडिया' की थीम वाले इस कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और यूपीडा के अलावा यूपी सरकार के सहयोग से इसका आयोजन किया जाना है। कार्यक्रम के दौरान तमाम सेमिनार और ब्रेनस्टार्मिंग सेशन भी आयोजित होंगे जिसमें लोगों को डिफेंस प्रोडक्ट इंडस्ट्री के महत्व और भविष्य में इसकी संभावनाओं के बारे में गहन जानकारी मिलेगी। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बनाई गयी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी के फायदे और कमियों पर भी चर्चा होगी। कार्यक्रम में केंद्र सरकार और यूपी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे।

निवेशकों को करेंगे आकर्षित

दरअसल इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को आकर्षित करना है ताकि वे डिफेंस कॉरीडोर में डिफेंस प्रोडक्ट इंडस्ट्री में निवेश कर सकें। इसके लिए 'मेक इन इंडियाÓ और मेक इन यूपी के तहत उन्हें तमाम सहूलियतें देने का ऐलान भी किया जाएगा। इस अवसर पर लगने वाली एक प्रदर्शनी से यह भी पता चलेगा कि यूपी में डिफेंस से जुड़े किन उत्पादों का निर्माण सरकारी और प्राइवेट कंपनियों द्वारा किया जाएगा। ध्यान रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में दो डिफेंस कॉरीडोर बनाने का ऐलान किया था। सीएम योगी आदित्यनाथ के अनुरोध पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूपी को इसमें प्राथमिकता देने का अनुरोध पीएम मोदी से किया था जिसे उन्होंने तुरंत स्वीकार कर लिया था।

शुरू हो चुका है काम

ध्यान रहे कि डिफेंस कॉरीडोर का काम यूपी सरकार ने शुरू भी कर दिया है। बीती 28 अगस्त को झांसी में डिफेंस कॉरिडोर के पहले निवेशक और यूपी सरकार के बीच 625 करोड़ रुपये के निवेश के सहमति पत्र पर साइन किए गये थे। कंपनी द्वारा निवेश से करीब 2800 लोगों को रोजगार भी मिलेगा। नोएडा की वुड स्पिन टेक्सटाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा एमओयू साइन करने के बाद उसे लेटर ऑफ कंफर्ट भी जारी किया जा चुका है। कंपनी प्रति महीना 600 मीट्रिक टन धागा तैयार करेगी। इसका उपयोग सेना के जवानों के लिए वर्दी, टोपी, मोजा, तौलिया, चादर आदि बनाने में होगा।
फैक्ट फाइल
- 06 जिलों से होकर गुजरेगा डिफेंस कॉरीडोर
- 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद
- 2।50 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार
- 3000 हेक्टेयर भूमि केवल बुंदेलखंड में होगी अधिग्रहित
- 5000 हेक्टेयर से ज्यादा कुल भूमि का होना है अधिग्रहण
इन शहरों से होकर गुजरेगा
आगरा, अलीगढ़, झांसी, चित्रकूट, कानपुर और लखनऊ

इन प्रोडक्ट्स का होगा निर्माण

तोपखाने, सैन्य उपकरण, ड्रोन का विर्निमाण, वायुयान और हेलीकॉप्टर एसेंबलिंग सेंटर, डिफेंस पार्क, बुलेटप्रूफ  जैकेट, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को बढ़ावा देने के उपकरण, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, डिफेंस इनोवेशन हब।

डिफेंस कॉरीडोर : कानपुर में लगाई जाएगी प्रदर्शनी, 240 उत्पादों का होगा प्रदर्शन


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