WHO के साथ संबंध खत्म कर रहा अमेरिका, चीन के खिलाफ लेगा कड़ा एक्शन

2020-05-30T07:56:11Z

कोरोना के चलते बिगड़ते हालात देखकर अमेरिका वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और चीन के खिलाफ और सख्त हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो डब्लूएचओ के साथ रिश्ते खत्म करने की बात कही तो चीन को अंजाम भुगतने की धमकी दी।

वाशिंगटन (पीटीआई)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ अपने संबंधों को समाप्त कर रहा है क्योंकि उसने दुनिया भर में COVID-19 महामारी के कारण हुई मौतों और विनाश के लिए इसे और चीन को जिम्मेदार ठहराया। यह बताते हुए कि डब्लूएचओ को मिलने वाला फंड अब अन्य वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठनों को दिया जाएगा। साथ ही ट्रम्प ने चीन के खिलाफ कई फैसलों की घोषणा की जिसमें कुछ चीनी नागरिकों को प्रवेश देने से इनकार करना और अमेरिका में चीनी निवेशों के खिलाफ नियमों को कड़ा करना शामिल है।
दुनिया को चीन से जवाब चाहिए
ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रोज गार्डन से एक भाषण में कहा, "दुनिया को चीन से जवाब चाहिए।" राष्ट्रपति ने, हालांकि, कोई सवाल नहीं उठाया। ट्रंप ने चीन के खिलाफ अपने आरोपों को दोहराते हुए कहा। चीन ने न केवल बौद्धिक संपदा की चोरी की, अमेरिका से अरबों डॉलर छीन लिए और नौकरियों को बंद कर दिया, बल्कि विश्व व्यापार संगठन के तहत अपनी प्रतिबद्धता का भी उल्लंघन किया।

राष्ट्रीय हितों की सख्ती से रक्षा करनी होगी

उन्होंने आरोप लगाया कि चीन ने इंडो-पैसिफिक महासागर में गैरकानूनी रूप से दावा किया है, नेविगेशन और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की स्वतंत्रता को खतरा है और हांगकांग की स्वायत्तता सुनिश्चित करने पर दुनिया के लिए अपने शब्द को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका चीन के साथ एक खुला और रचनात्मक संबंध चाहता है, लेकिन इस रिश्ते को प्राप्त करने के लिए हमें अपने राष्ट्रीय हितों की सख्ती से रक्षा करने की आवश्यकता है।'
चीन ने फैलाया वायरस
ट्रम्प ने आरोप लगाया कि चीनी सरकार ने अमेरिका और कई अन्य राष्ट्रों को अपने वादों का लगातार उल्लंघन किया है। ट्रंप ने कहा, "इन सादे तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।' यह देखते हुए कि दुनिया अब चीनी सरकार की नाकामी के कारण वायरस से पीड़ित है। ट्रम्प ने दोहराया कि चीन के वुहान वायरस के कवर-अप ने दुनिया भर में बीमारी फैलने की अनुमति दी। उन्होंने आगे कहा, 'चीनी अधिकारियों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए अपने रिपोर्टिंग दायित्वों को नजरअंदाज कर दिया और विश्व स्वास्थ्य संगठन पर दुनिया को गुमराह करने का दबाव डाला जब वायरस पहली बार चीनी अधिकारियों द्वारा खोजा गया था। इस वायरस से न जाने कितनी मौतें हुई पूरी दुनिया में आर्थिक संकट उभर आया।'

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

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