कॉलेजों के बाहर है डस्टबिन की जरूरत

2019-10-21T05:45:27Z

-कूड़ा डंपिंग जोन बनते जा रहे कॉलेज गेट, लगा रहता है कचरे का अंबार, होती है परेशानी

PATNA: पटना नगर निगम के सफाई के दावे के पोल चौक-चौराहों पर ही नहीं पटना के कॉलेजों के बाहर भी खुल रहे हैं। अधिकांश कॉलेजों के बाहर निगम की तरफ से डस्टबिन नहीं लगाए गए हैं। जिससे यहां चिप्स, बिस्किट के रैपर, यूज्ड पेपर समेत कई अन्य कूड़े सड़क पर फैले रहते हैं।

अरविंद महिला कॉलेज

पटना के अरविंद महिला कॉलेज के पास डस्टबिन नहीं है। कॉलेज के गेट के पास ही कूड़ा पड़ा रहता है। कॉलेज के साथ आस-पास रहने वाले लोगों के लिए भी कॉलेज गेट डंपिंग जोन बन गया है। कई बार कॉलेज की तरफ से निगम को शिकायत भी की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अरविंद महिला कॉलेज के कर्मचारी बताते हैं कि कॉलेज कैंपस में हमलोगों ने कई डस्टबिन लगा रखा है। लेकिन नगर निगम की तरफ से बाहर कोई डस्टबिन नहीं रखा गया है। आस पास के लोग भी यहां कूड़ा फेंक देते हैं। जिससे न सिर्फ गंदगी दिखती है बल्कि इससे उठ रही बदबू से परेशानी होती है।

जे डी वीमेंस कॉलेज

अरविंद महिला कॉलेज की तरह ही जेडी वीमेंस कॉलेज के बाहर का हाल है। यहां भी निगम की ओर से डस्टबिन नहीं लगाया गया है। कई बार यहां कि छात्राएं ने भी इसको लेकर शिकायत कर चुकी हैं कि राहगीर और अन्य लोग राह चलते आसपास कचरा फेंक देते हैं जिससे गेट के आसपास गंदगी दिखती है। लोगों को अवेयर करना करना डस्टबिन दोनों की बेहद जरूरत है।

कई दिनों तक पड़ा रहता है कूड़ा

मुख्य सड़कों में अशोक राजपथ के कॉलेज और बेली रोड में सिर्फ पटना वीमेंस के पास ही डस्टबिन है। ये डस्टबिन भी लिटर बिन हैं जो काफी छोटे हैं। यहां बड़े डस्टबिन की जरूरत है। इसके अलावा किसी भी कॉलेज के पास नगर निगम की दया दृष्टि नहीं है। कई कॉलेजों के बाहर कोई डस्टबिन नहीं रखा गया है। कूड़ा कई दिनों तक पड़ा रहता है।

Posted By: Inextlive

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