Earthquake Safety Tips : भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के बारे में पहले से कुछ पता नहीं होता है। ऐसे में भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों के बीच अफरा-तफरी मच जाती है। इसलिए भूकंप के दाैरान व उसके बाद इन 10 बातों का रखें ध्‍यान नहीं होगा कोई नुकसान...


कानपुर (इंटरनेट डेस्क)। Earthquake Safety Tips : भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में हाल के दिनों में भूकंप के झटके लगे। दिल्ली एनसीआर समेत उत्‍तर भारत के भी राज्यों में धरती हिली व लोग दहशत में दिखे। अक्‍सर देखा जाता है कि भूकंप आने के बाद उसके बाद की स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है। हालात काफी अिगड़ जाते हैं और झटके भी बार-बार आते रहते हैं। इसलिए भूकंप के दाैरान व उसके बाद इन 10 बातों का रखें ध्‍यान नहीं होगा कोई नुकसान...भूकंप के दौरान क्या करें फर्श पर लेट जाओ। एक मजबूत डेस्क या टेबल के नीचे छिप जाओ और उसे पकड़ कर रखो। इस दाैरान तब तक प्रतीक्षा करें जब तक कंपन बंद न हो जाए।


यदि आप मजबूत स्ट्रक्चर वाली बिल्डिंग में हैं, तो वहीं रहें। यदि आप किसी पुराने कमजोर ढांचे के अंदर हैं, तो तेज और सुरक्षित तरीके से बाहर निकलें।भूकंप के समय लिफ्ट का प्रयोग न करें। भूकंप का कंपन बंद होने के बाद खुली जगह पर जाने के लिए सीढ़ियां चढ़ें।यदि आप किसी एग्जिट प्वाइंट के पास नहीं हैं या फिर ऊंची इमारत में हैं तो अंदर ही रहें। वहीं एग्जिट प्वाइंट पर जल्दबाजी न करें। शांति से बाहर निकलें।

बिजली के तारों, पोस्टों, दीवारों, फाल्स सीलिंग, मुंडेर, गिरने वाले गमलों व कांच के शीशे वाली इमारतों से दूर रहें। ये कभी भी टूट कर गिर सकते हैं। वाहन चलाते समय सड़क के किनारे रुके। ध्यान रखे आसपास पेड़ या इमारत न हो। पुलों, फ्लाईओवरों को पार न करें, जो कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।यदि आप खड़ी पहाड़ी पर हैं, तो भूस्खलन और गिरने वाली चट्टानों से दूर चले जाएं। इस दाैरान बिल्कुल न घबराएं।

भूकंप के बाद क्या करेंभूकंप जैसे ही रुक जाए, सबसे पहले आस-पास के घायलों की तुरंत मदद करें। उन्हें जल्द से जल्द उपचार कराने ले जाएं।भूकंप आने के बाद इलेक्ट्रिकल सिस्टम देखें। पानी की पाइप लाइन, बिजली में अगर फॉल्ट हुआ है या फिर कहीं पर स्पार्क हुआ होतो चेक कराएंभूकंप आने के बाद एक बार अपने घर को पूरी तरह से चेक करें। कमरों को सावधानीपूर्वक खोलें क्योंकि कभी भी कोई भी चीज आपके ऊपर भी गिर सकती है। भूकंप के बाद के झटकों से निपटने के लिए सबसे पहले अपने बच्चों से कहें कि वह एलर्ट रहें। हल्का सा भी झटका हो वह खुले मैदान की ओर भागें।


भूकंप रुकने बाद टीवी और रेडियो आदि से जुड़े रहें। इससे इमरजेंसी की जानकारी मिलती रहेगी। फोन को सिर्फ इमरजेंसी कॉल के लिए ही इस्तेमाल करें।भूंकप आने पर अक्सर सड़कों में दरारें आ जाती हैं। ऐसे में अगर आप सड़क पर गाड़ी ड्राइव कर रहे हैं, तो धीरे चलें। रिस्ट्रेक्टेड हो तो वहां बिल्कुल मत जाएं।

Posted By: Shweta Mishra