Eeb Allay Ooo Movie Review : ये दुनिया एक मदारी और इंसान बंदर, देख के खुद से रिलेट कर पाएंगे

Updated Date: Sun, 31 May 2020 04:33 PM (IST)

Eeb Allay Ooo Movie Review : एक नई फिल्म रिलीज हुई है 'ईब आले ऊ'। फिल्म में इंसान और बंदल के बीच का एक रिश्ता दिखाया गया है दिखाया गया है कि जब कोई दूसरे शहर नौकरी की तलाश में जाता है तो उसके साथ क्या होता है। यहां पढे़ं रिव्यू...

फिल्म का नाम : ईब आले ऊ

कलाकार : शार्दुल भारद्वाज, नैना सरीन, नूतन सिन्हा, महिंदर नाथ

निर्देशक : प्रतीक वत्स

ओ टी टी प्लेटफार्म : यूट्यूब वी आर वन

Eeb Allay Ooo Movie Review : दिल्ली में बंदरों का उत्पात। इससे भला कौन वाकिफ नहीं है। फिलवक्त मेरठ में बंदर लैब से कोरोना सैम्पल छीन कर भाग गया। सोशल मीडिया पर यह खबर तैर रही है और इसी बीच प्रतीक वत्स की फिल्म ईब आले ऊ चर्चे में है। फिल्म के नाम से आपको यह लग सकता है कि यह कोई डॉक्यूमेंट्री होगी लेकिन यकीनन यह समाज के उस वर्ग पर गहरी प्रहार करती फिल्म है जो कई सपने लेकर बड़े शहरों में आते हैं, नौकरी की तलाश में और वह शहर उन्हें क्या देता है। ऐसे दौर में जब लगातार मजदूर सड़कों पर चल रहे हैं, आप इस फिल्म को देखते हुए काफी कुछ रिलेट कर सकते हैं। फिल्म एक बेहतरीन सटायर है जिसे बंदर और आदमी के बीच के रिश्ते के माध्यम से दिखाया है। दुनिया मदारी है और लोग कैसे बंदर बन कर नाच रहे हैं, हुक्मरानों के सामने। यही है फिल्म का केंद्र बिंदू पढ़ें पूरा रिव्यु

क्या है कहानी

खाटी दिल्ली की कहानी है। लेकिन दिल्ली चकाचौंध वाली नहीं बल्कि अंधेरे के बीच बसी बस्तियों में रहने वाले की कहानी। अंजनी अपने गांव(शार्दुल भारद्वाज) दिल्ली आता है, नौकरी नहीं है। उसे बंदर भगाने का काम मिलता है। वह जॉब से नाखुश हैं। एक तो काम अच्छा नहीं और बंदरों के काटने का भी डर। बदले में केवल कुछ पैसे लेकिन विकल्प नहीं। ऐसे में एक इंसान किस तरह रास्ते तलाशता है और धीरे- धीरे इंसान और बंदर का फर्क नहीं रह जाता है। निर्देशक बेहद खूबसूरती और संजीदगी से इंसान के दर्द को बंदर से तुलना की है। फिल्म आपको झकझोरती है।

क्या है अच्छा

कलाकारों का शानदार अभिनय, कोई शो बाजी नहीं। एकदम नेचुरल तरीके से प्रस्तुति। रियेलिटी के एकदम करीब ले जाती है फिल्म।

क्या है बुरा

फिल्म का पेस डार्क है, लेकिन अगर इसे थोड़ा रखा जाता और बेहतर होता।

अभिनय

फिल्म की खूबी इसके नेचुरल कलाकार ही हैं, सभी ने स्वाभाविक अभिनय किया है। खासतौर से लीड कलाकार शार्दुल भारद्वाज ने शानदार अभिनय किया है। शेष कलाकारों ने भी अच्छा साथ दिया है।

वर्डिक्ट

मौजूदा दौर के लिहाज से एक बेहतरीन सटायर जो सच कहने की कुब्बत रखती है। फिल्म अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचनी चाहिए।

रेटिंग : 3.5 स्टार

Reviewed By: अनु वर्मा

Posted By: Vandana Sharma
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