50 घंटे बाद लैपर्ड का एनकाउंटर

2019-07-03T06:00:23Z

- मेडिसिन डिपार्टमेंट की बिल्डिंग में टॉयलेट में छिपा था लैपर्ड

- रेस्क्यू टीम पर झपटने वाला था, कि शिकारियों ने गोली चला दी

- एक गोली गले व दूसरी जबड़े पर लगी, लैपर्ड ढेर

श्रीनगर गढ़वाल, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में घुसा लैपर्ड करीब 50 घंटे की दहशत के बाद फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के शूटर ने ढेर कर दिया। लैपर्ड मेडिकल कॉलेज की मेन बिल्डिंग से सटे मेडिसिन डिपार्टमेंट की सेकंड फ्लोर के टॉयलेट में छिपा था। सर्च ऑपरेशन के दौरान रेस्क्यू टीम से उसका सामना हुआ, इसी दौरान दो शिकारियों ने उसे शूट कर दिया। लैपर्ड संडे सुबह 10 बजे मेडिकल कॉलेज में घुसा था, उसने दो सिक्योरिटी गार्ड सहित एक कर्मचारी पर हमला कर घायल कर दिया था।

संडे से ही फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम लैपर्ड को सर्च कर रही थी। फॉरेस्ट की रेस्क्यू टीम द्वारा कॉलेज के सभी एंट्री प्वाइंट्स पर लैपर्ड को पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए गए थे। तीन बिल्डिंग्स में डेढ़ सौ से ज्यादा रूम होने की वजह से लैपर्ड की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी। ट्यूजडे सुबह फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम ने तय किया कि प्रत्येक रूम में लैपर्ड की सघन तलाश की जाए। फॉरेंसिक डिपार्टमेंट की चार मंजिला इमारत से दो शिकारियों को साथ लेकर रेस्क्यू टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कम्युनिटी मेडिसन डिपार्टमेंट की बिल्डिंग की सेकंड फ्लोर पर टीम को लैपर्ड के होने का आभास हुआ। इसी दौरान एक रूम के टॉयलेट के पास भीतर छिपे लैपर्ड से टीम का सामना हो गया। वह टीम पर झपट्टा मारता इससे पहले टीम में शामिल शिकारी अजहर खान ने उस पर गोली दाग दी, जो उसके गले पर लगी। इसी दौरान शिकारी जॉय हुकिल ने भी निशाना साध कर गुलदार को वहीं ढेर कर दिया, गोली उसके जबड़े में लगी।

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शिकारी बोले, मजबूरी में मारना पड़ा

शिकारी जॉय हुकिल का कहना था कि आत्मरक्षा के चलते मजबूरी में गुलदार पर निशाना साधना पड़ा। प्रयास तो यही था कि उसे जीवित पकड़ा जाए, लेकिन रेस्क्यू दल के सदस्यों की ओर झपट्टा मारते देख पहले अजहर खान फिर उन्हें समय गंवाए बिना गुलदार पर गोली चलानी पड़ी।


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