करोड़पति इंजीनियर

2019-11-19T05:45:08Z

-निगरानी ने पथ निर्माण के इंजीनियर को 16 लाख रुपये की घूस के साथ दबोचा

PATNA

: पटना में फिर एक करोड़पति इंजीनियर पकड़े गए हैं जो अपने आवास पर सोमवार को 16 लाख रुपये की रिश्वत ले रहे थे। निगरानी विभाग की टीम ने सूचना मिलने पर रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के एक्सक्यूटिव इंजीनियर अरविन्द कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पटना में नेहरू मार्ग (बेली रोड), अंबेडकर पथ, हरिचरण रेसिडेंसी के फ्लैट नंबर 401 से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। अरविंद को गिरफ्तार करने के बाद निगरानी के अधिकरियों ने घर और कार्यालय पर भी छापेमारी की है। छापेमारी के दौरान करोड़ों की संपत्ति का भी पता चला है। एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ने 83 करोड़ की सड़क परियोजना के लिए एक फीसद कमीशन 83 लाख रुपये बतौर घूस की मांग की थी। इसी क्रम में अरविंद सोमवार को पहली किस्त ले रहा था। निगरानी के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी की कार्रवाई को बाधित करने के लिए इंजीनियर ने भरपूर कोशिश की लेकिन उसकी एक न चली। इंजीनियर की गिरफ्तारी से पथ निर्माण महकमे में हड़कंप मचा हैं।

छापा पड़ते ही नोट जलाने लगा परिवार

छापेमारी करने आई निगरानी विभाग की टीम को घर में घुसने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अरविंद की पत्नी और बेटा भी शातिर निकले। खाकी वर्दीधारी जवानों को देखते ही अरविंद के बेटे ने फ्लैट नंबर-308 के दरवाजे बंद कर दिए और बाथरूम में जाकर नोटों के बंडल जलाने लगा। मेन गेट पर पहले लोहा, फिर लकड़ी का दरवाजा है। अंदर से धुआं निकलते ही पूरे अपार्टमेंट में अफरातफरी मच गई। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिसकर्मियों ने राइफल की बट से दोनों दरवाजों को तोड़ा और अंदर घुसे। देखा कि अरविंद की पत्नी और उसका बेटा जले हुए नोटों को कमोड में डालकर फ्लश कर रहे थे। दोनों को तत्काल हिरासत में लिया गया। निगरानी की टीम ने तुरंत बाथरूम को सील कर दिया और एफएसएल को सूचना दी। एफएसएल ने मौके से नोटों के जले टुकड़े बरामद किए हैं। इसमें कुछ कागजात के भी अंश मिले हैं। इसके अलावा एक झोला भी मिला है। अंदेशा है कि इसी झोला में नोटों के बंडल रखे थे। कुछ दस्तावेज भी जलाने का अंदेशा है। एफएसएल की टीम राख इकट्ठा कर ले गई है। डीआइजी शंकर झा ने बताया कि साक्ष्य मिटाने और नोट जलाने के संबंध में स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

दोस्त बनकर साथ गए थे निगरानी के अफसर

अरविंद ने रिश्वत की रकम लेकर सड़क निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि निखिल को हरिचरण अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 401 में बुलाया था। निखिल की शिकायत के बाद निगरानी विभाग के एक अफसर सफेद शर्ट पहने दोस्त बनकर उनके साथ फ्लैट पर पहुंचे थे। इस पर अरविंद आग बबूला हो गया। उसने कहा कि मैंने अकेले आने को कहा था, फिर तुम किसी और को साथ लेकर क्यों आए? पहले इसे बाहर निकालो, तब कोई बात होगी। अरविंद के झल्लाने पर निगरानी के पदाधिकारी बाहर चले गए। निखिल की शर्ट की बटन में माइक्रोफोन लगा था, जिससे अंदर की सारी बातें दूर खड़े निगरानी के अधिकारी सुन रहे थे। जैसे ही निखिल बाहर निकला कि निगरानी की टीम ने धावा बोल दिया।

फ्लैट नंबर 401 के कमरे से मिली शराब

निगरानी की टीम फ्लैट 401 में घुसते ही अरविंद को पकड़कर बाथरूम में ले गई। एक जग पानी में अरविंद के हाथ डाले गए। पानी और हाथ दोनों ही लाल हो गए, क्योंकि उसने निखिल से जो रुपये लिए थे, उसपर केमिकल लगा था। पकड़े जाने के बाद अरविंद ने बताया कि उसका एक फ्लैट ठीक नीचे तीसरी मंजिल पर (फ्लैट संख्या 308) है। निगरानी के अधिकारियों ने उसे परिवार से मिलने की अनुमति दे दी। जैसे ही अरविंद के बेटे ने पिता के साथ पुलिस को देखा, उसने दरवाजा बंद कर लिया। बाद में पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी।

रंगे हाथ पकड़े जाने में अरविन्द ने अपने ही विभाग का रिकार्ड तोड़ा

पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार ने रिश्वत की रकम के साथ पकड़े जाने के मामले में अपने ही विभाग का रिकार्ड तोड़ दिया है। वे सोमवार को 16 लाख की नकदी के साथ धरे गए। उनसे पहले अधिकतम रकम के साथ धरे जाने का रिकार्ड उन्हीं के विभाग के कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद सिंह ने बनाया था। वे पटना पश्चिम प्रमंडल में तैनात थे। इसी साल आठ जून को उन्हें 14 लाख रुपये के साथ पकड़ा गया था। उस रेड में निगरानी ने उसी कार्यालय के क्लर्क शशिभूषण कुमार को साझेदार बनाया था। इनके घरों से दो करोड़ 36 लाख रुपये की बरामदगी हुई थी।

Posted By: Inextlive

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