निगरानी में सोशल मीडिया पीएम सीएम सहित प्रतिष्ठित व्यक्तियों पर अनर्गल टिप्पणी पड़ेगी भारी

2019-06-10T11:03:08Z

पीएम सीएम सहित अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों के संबंध में टेंपर की हुई तस्वीरें वीडियो और अन्य आपत्तिजनक मैसेज अपलोड करने वालों को पुलिस अरेस्ट करके जेल भेजेगी

- पीएम, सीएम सहित प्रतिष्ठित व्यक्तियों पर अनर्गल टिप्पणी पड़ेगी भारी

- एसएसपी आवास में बनेगा हाईटेक अफिस, बढ़ेंगी सुविधाएं और संसाधन

gorakhpur@inext.co.in

GORAKHPUR : सोशल मीडिया पर किसी के खिलाफ अनर्गल टिप्पणी मुश्किल में डाल देगी. पीएम, सीएम सहित अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों के संबंध में टेंपर की हुई तस्वीरें, वीडियो और अन्य आपत्तिजनक मैसेज अपलोड करने वालों को पुलिस अरेस्ट करके जेल भेजेगी. सोशल मीडिया पर किसी के खिलाफ आपत्तिजनक और बेबुनियाद कमेंट्स कसकर प्रतिष्ठा धूमिल करने वाले को जेल जाकर कीमत चुकानी पड़ेगी. सीएम के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट वायरल करने के मामले में गोला के एक युवक को पुलिस ने अरेस्ट किया. एसएसपी ने कहा कि साइबर सेल के बढ़ते कामकाज को देखते हुए हाईटेक किया जाएगा. यह जल्द ही एक नए स्वरूप में नजर आएगा.

सीएम की आपत्तिजनक पोस्ट पर दो गिरफ्तार

सोशल मीडिया पर सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हुए पोस्ट वायरल करने के आरोपी को पुलिस ने अरेस्ट किया. इसकी शिकायत ट्विटर पर हुई थी. सीएम की छवि धूमिल करने से संबंधित मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई. साइबर सेल के प्रभारी एसआई महेश चौबे, कांस्टेबल शिवशंकर ने जांच पड़ताल की. इस दौरान पता लगा कि गोला एरिया के गोला कस्बे के पीर मोहम्मद और बर्राह निवासी धर्मेद्र भारती सोशल मीडिया के जरिए सीएम के खिलाफ अभद्र बातें फैला रहे हैं. लखनऊ में एक युवती के बयान को आधार बनाते हुए युवकों ने शादी का कार्ड छाप दिया था. उस कार्ड पर बकायदा सबका नाम लिखते हुए यह सवाल किया गया था कि शादी में डीजे बजेगा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा. मामले की जांच के बाद गोला पुलिस ने पीर मोहम्मद को अरेस्ट कर लिया. उसके पास से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद हुआ. आरोपी की धरपकड़ में गोला के एसआई प्रमोद कुमार शुक्ला, बड़हलगंज के एसएचओ चंद्रभान सिंह, एसआई अख्तर आलम, कांस्टेबल अखिलेश कुशवाहा, आनंद कुमार, कमलेश यादव और सचिन की भूमिका सराहनीय रही. शाहपुर में दर्ज एक अन्य मामले की जांच में पुलिस टीम जुटी है.

सख्त हुई पुलिस टीम, बढ़ाई गई निगरानी

सोशल मीडिया पर प्रतिष्ठित व्यक्तियों के खिलाफ किसी तरह की टिप्पणी मुसीबत का सबब बन सकती है. बेवजह के मामलों को तूल देकर लोगों की भावना भड़काने, किसी की प्रतिष्ठा धूमिल करने, अनर्गल प्रकार की टिप्पणियां लिखने और विवादित पोस्ट शेयर करने से संबंधित मामलों की निगरानी बढ़ा दी गई है. ऐसे मामलों में एक तरफ जहां पुलिस के सोशल मीडिया वालंटियर्स की मदद ली जा रही. वहीं साइबर सेल को पूरी तरह से इनवॉल्व कर दिया गया है. इसलिए इसका रूप और आकार बदलने की तैयारी शुरू हो गई है.

एसएसपी करेंगे मॉनीटरिंग, पल-पल की रिपोर्ट होगी तलब

जिले की क्राइम ब्रांच में स्थित साइबर सेल में महज दो कांस्टेबल तैनात थे. साइबर फ्रॉड सहित अन्य तरह के सोशल मीडिया क्राइम बढ़ने पर एसआई की तैनाती कर दी गई है. उनके सहयोग में कुछ नए तेज-तर्रार, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के जानकार कांस्टेबल की तैनाती होगी. एसपी क्राइम के ऑफिस से हटाकर साइबर सेल एसएसपी बंगला के सर्विलांस सेल से अटैच किया जाएगा. इसके लिए एक हाईटेक ऑफिस बनाने की तैयारी चल रही है. नए ऑफिस में शिफ्ट होने के पूर्व साइबर सेल को नए और हाईटेक संसाधनों से लैस किया जाएगा.

पुलिस की सलाह, सोशल मीडिया पर बरतें सजगता

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और अभद्र टिप्पणी करने के मामले में रोजाना गिरफ्तारी हो रही है. लखनऊ के हजरतगंज थाना में प्रशांत कन्नौजिया के खिलाफ मामला दर्ज करके पुलिस ने अरेस्ट किया था. इस मामले के बाद से सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर पुलिस लगातार लोगों से अनुरोध कर रही है कि सोशल मीडिया पर कोई ऐसी पोस्ट न डालें जिससे लोक व्यवस्था और कानून व्यवस्था भंग हो. पुलिस से जुड़े लोगों का कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर छवि धूमिल करने के लिए ऐसी हरकतें करते हैं. गोरखपुर में पिछले दो साल में 10 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं जिनमें कई लोगों को अरेस्ट करके पुलिस जेल भेज चुकी है.

इन बातों से करें परहेज, नहीं होगी परेशानी

किसी प्रकार के धार्मिक, सामाजिक, भड़काऊ, राजनीति संदेश या फोटो न भेजें,

ऐसी पोस्ट को शेयर करने, फॉरवर्ड करने से बचें. किसी तरह का कोई कमेंट भी न करें.

किसी तरह की अश्लील वीडियो, फोटो, तस्वीरों को पोस्ट न करें. ऐसी चीजों का वायरल करना भी भारी पड़ेगा.

व्यक्ति विशेष, व्यक्तिगत, जाति, धर्म, संप्रदाय और भौगोलिक क्षेत्र विशेष के संबंध में कोई आपत्तिजनक पोस्ट न करें.

 

क्या है कार्रवाई, क्यों जाना पड़ेगा जेल

साइबर क्राइम के जुर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज करके पुलिस कार्रवाई करेगी.

जांच करने वाली टीम आरोपी का आईपी एड्रेस ट्रेस करके उसके घर का पता लगाएगी.

बिना किसी वारंट के पुलिस आरोपी को अरेस्ट कर सकती है. तत्काल जेल भेजा जाएगा.

यह एक गैर जमानतीय जुर्म है. पकड़े जाने पर सात साल की सजा का प्राविधान

ग्रुप में कोई गलत पोस्ट करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ एडमिन पर एक्शन होगा.

 

गोरखपुर में सीएम के खिलाफ टिप्पणी पर हुई कार्रवाई

9 जून 2018: सीएम की आपित्तजनक फोटो वायरल और मैसेज वायरल करने में गोला एरिया के दो युवकों पर मुकदमा, एक गिरफ्तार.

 

20 नवंबर 2018: सीएम के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट, सीएम के खिलाफ टिप्पणी पर बरहज एरिया का सब्बीर अली अरेस्ट किया गया.

 

8 नवंबर 2018: सीएम के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने पर महराजगंज, सदर कोतवाली एरिया के मटिहनिया चौधरी निवासी इब्राहिम को पुलिस ने अरेस्ट किया.

 

18 मई 2018: पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी, वीडियो वायरल करने पर कोतवाली एरिया के श्रवण यादव को पुलिस ने अरेस्ट किया.

सोशल मीडिया पर किसी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी, फोटो या वीडियो वायरल करने के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. ऐसे में सभी लोग पूरी सावधानी से सोशल मीडिया हैंडल करें. किसी के बहकावे में आकर कोई आपत्तिजनक बात न करें. अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स की सुरक्षा को लेकर भी सजग रहें.

- डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी


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