OTT प्लेटफॉर्म और डिजिटल पोर्टल पर केंद्र सरकार ने कसा शिकंजा, करना होगा सेल्फ रेगुलेशन, तैयार किए गए तीन फ्रेमवर्क

केंद्र सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म और डिजिटल मीडिया पर भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इसके लिए सरकार की ओर से एक गाइडलाइन तैयार की गई है। इसके तहत सेल्फ रेगुलेशन करना होगा। इसकी कमेटी में रिटायर्ड जज शामिल होंगे। इस बात का ऐलान केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया है।

Updated Date: Thu, 25 Feb 2021 03:54 PM (IST)

नई दिल्ली (एएनआई)। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को केंद्र सरकार की ओर से 'ओटीटी' अर्थात 'ओवर द टॉप' प्लेटफॉर्म को लेकर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स का ऐलान किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के ट्वीट के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'ओटीटी' और डिजिटल मीडिया को सूचना और प्रसारण मंत्रालय देखेगा और इंटरमीडरी प्लेटफॉर्म का संज्ञान आईटी मंत्रालय लेगा। ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए सरकार द्वारा तीन फ्रेमवर्क तैयार किए गए हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म का रजिस्ट्रेशन जरूर नहीं हुआ लेकिन उनसे सभी जानकारी मांगी गई है।

We have decided to have a 3-stair mechanism for OTT platforms. OTT and digital news media will have to disclose their details. We are not mandating registration, we are seeking information: Union Minister Prakash Javadekar pic.twitter.com/1U7xRzR8Ja

— ANI (@ANI) February 25, 2021


डिजिटल पोर्टल्स में शिकायत निवारण प्रणाली होनी
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह भी कहा कि ओटीटी और डिजिटल न्यूज मीडिया के लिए पंजीकरण अनिवार्य नहीं कर रहे हैं लेकिन जानकारी मांग रहे हैं। ऐसे में ओटीटी प्लेटफॉर्म और डिजिटल ​मीडिया को अपने बारे में जानकारी देनी होगी। उन्होंने कहा कि ओटीटी प्लेटफार्मों और डिजिटल पोर्टल्स में शिकायत निवारण प्रणाली होनी चाहिए।

There should be a grievance redressal system in OTT platforms and digital portals. OTT platforms will have to have a self-regulating body, headed by retired Supreme Court or High Court judge or very eminent person in this category: Union Minister Prakash Javadekar pic.twitter.com/PcechR10wc

— ANI (@ANI) February 25, 2021
हाई कोर्ट के जज या इस कैटेगरी के दूसरे व्यक्ति होगें
ओटीटी प्लेटफार्मों के लिए सेल्फ रेगुलेशन होगा जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज या इस कैटेगरी के दूसरे व्यक्ति करेंगे। ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए कंटेंट का सेल्फ क्लासीफिकेशन 13+, 16+ और A कैटेगरी में होना चाहिए। पैरेंटिंग लाॅक का मैकेनिज्म होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे उसे न देंखें।

For OTT, there should be self-classification of content -- 13+, 16+ and A categories. There has to be a mechanism of parental lock and ensuring compliance that children don't see that: Union Minister Prakash Javadekar pic.twitter.com/3wes5FMzR5

— ANI (@ANI) February 25, 2021


ओटीटी कंटेंट ने हाल ही में विवादों को हवा दी
ओटीटी प्लेटफार्मों पर सामग्री ने हाल ही में विवादों को हवा दी है, जिससे सार्वजनिक रूप से नाराजगी और कुछ प्रोग्राम के निर्माताओं पर केस दर्ज हुए हैं। केंद्रीय मंत्री ने 31 जनवरी को घोषणा की कि मंत्रालय जल्द ही ओटीटी प्लेटफार्मों पर दिशानिर्देश जारी करेगा क्योंकि उसे यहां उपलब्ध कुछ धारावाहिकों के खिलाफ बहुत सारी शिकायतें मिल रही थीं।

Posted By: Shweta Mishra
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