दिल्ली हावड़ा रूट पर 160 की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

2019-07-11T11:00:35Z

-हाईस्पीड ट्रेन के लिए बाधक मानवयुक्त रेलवे क्रासिंग बंद करने की हो चुकी है शुरुआत

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PRAYAGRAJ: उत्तर मध्य रेलवे कोंकण और ऑस्ट्रेलिया की तकनीक अपनाकर सुरक्षित एवं हाईस्पीड ट्रेन दौड़ाने की कवायद कर रहा है। इसके लिए दिल्ली-हावड़ा रूट का चयन किया गया है। इस रूट पर ट्रेन को 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाने की तैयारी है। इसके तहत एक साल के अंदर मानवयुक्त रेलवे क्रॉसिंग पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी। इलाहाबाद मंडल से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। इसके बाद ट्रेनों को और अधिक सेफ बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।

लगेंगी आठ हॉट बॉक्स डिटेक्टर मशीन

मैंड रेलवे क्रासिंग बंद होने के बाद ट्रेनों की निगरानी को लेकर भी रेलवे गंभीर है। जहां-जहां क्रॉसिंग को बंद किया जा रहा है वहां कैमरे लगाये जा रहे हैं। चुनार में अप लाइन पर एचबीडी यानी हॉट बॉक्स डिटेक्टर मशीन लगा हुआ है जो हॉट एक्सल पकड़ता है। आठ और एचबीडी इलाहाबाद मंडल में लगाने का प्लान है।

वाइल्ड पकड़ेगा ठक-ठक की आवाज

वैगन में फ्लैट व्हील होने पर ठक-ठक की आवाज आती है। इससे पटरी और वैगन दोनों को नुकसान होता है। इस फाल्ट को पकड़ने के लिए दादरी में वाइल्ड यानी व्हील इंफैक्ट लो डिटेक्टर मशीन लगाई गई है।

ओएमआरएस का भी इंतजाम

मशीन के जरिये जांच के लिए इलाहाबाद मंडल में ओएमआरएस यानी ऑनलाइन मानीटरिंग ऑफ रोलिंग स्टॉक लगाया जा रहा है। यह हॉट एक्सेल और फ्लैट फील को पकड़ेगा। एचबीडी में व्हील गरम होने पर बताता है कि हॉट एक्सल हो सकता है। वहीं ओएमआरएस बहुत पहले बता देगा कि हॉट एक्सेल हो सकता है या नहीं। आस्ट्रिेलियन फर्म की टेक्नोलॉजी के साथ इंडियन कंपनी ने ओएमआरएस लगाने का टाईअप किया है।

फाल्ट का मैसेज भेजेंगे आठ कैमरे

एक साल के अंदर ऐसे कैमरे लग जाएंगे जो गड़बड़ी होते ही रिपोर्ट कंट्रोल रूम को तुरंत भेज देंगे। एक ही प्वाइंट पर आठ कैमरे लगे होंगे। दो कैमरे ऊपर, दो कैमरे साइड, दो नीचे , दो बिल्कुल बोगी के नीचे से लगे होंगे। उसके तहत अगर गाड़ी में कोई भी फाल्ट दिखाई देगा तो वह कंट्रोल रूम में डायरेक्ट मैसेज पहुंचा देगा।

रेल दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम

एक साल के भीतर एनसीआर और इलाहाबाद मंडल में हाई सिक्योरिटी की एक चेन बन जाएगी। इसकी मदद से रेल दुर्घटनाओं को आसानी से रोका जा सकेगा। 2019-20 में कुल 57 लेवल क्रासिंग को बंद करने का टार्गेट निर्धारित किया गया है। जून तक आरओबी और आरयूबी बनाकर 28 लेवल क्रासिंग बंद किए जा चुके हैं। वहीं जुलाई तक 32 लेवल क्रासिंगों को बंद कर दिया जाएगा।

वर्जन

ट्रेनों को सुरक्षित और हाई स्पीड चलाना रेलवे की प्राथमिकता में है। एचबीडी की शुरुआत पूरे भारतीय रेलवे में चुनार से की गई थी। वाइल्ड और ओएमआरएस भी लगाया जा रहा है।

-अजीत कुमार सिंह

सीपीआरओ, एनसीआर


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