एचएसएनपी नहीं तो आरसी नहीं

Updated Date: Thu, 25 Apr 2019 06:00 AM (IST)

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसएनपी) न देने पर परिवहन विभाग हुआ सख्त

अप्रैल माह में आए नए स्टॉक की गाडि़यों पर मिलनी थी एचएसएनपी

एजेंसी संचालक का कहना, अभी तक नया स्टॉक नहीं आया

आरटीओ ने कहा, बिना एसएसएनपी के डिलीवर हुई गाडि़यों की आरसी पर लगेगी रोक

Meerut. आपकी गाड़ी की सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग की एचएसएनपी यानि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की कवायद में कार निर्माता कंपनियों की सुस्ती के चलते देरी हो रही है. विभाग ने एक अप्रैल से पूरे प्रदेश में एचएसएनपी की व्यवस्था लागू कर दी है लेकिन इसके बावजूद कंपनियों द्वारा अभी तक एचएसएनपी बनाने वाले वेंडर तक निर्धारित नहीं किए गए हैं. ऐसे में परिवहन विभाग अब एचएसएनपी के बिना डिलीवर हुई गाडि़यों की आरसी पर रोक लगाने पर विचार कर रहा है.

एजेंसी जारी करेगी एचएसएनपी

परिवहन विभाग की कवायद के अनुसार एक अप्रैल के बाद जो भी नई गाड़ी एजेंसी से खरीदी जाएगी उसके साथ कार निर्माता कंपनी एजेंसी के माध्यम से ही एचएसएनपी लगाकर देगी. बिना एचएसएनपी के नई गाडि़यों की डिलीवरी नहीं होगी. इस आदेश को लागू हुए 24 दिन का समय बीत चुका है लेकिन जनपद में अभी तक बिना एचएसएनपी के ही गाडि़यां ग्राहकों को डिलीवर की जा रही हैं. ऐसा तब है जब इस संबंध में आरटीओ द्वारा कार एजेंसियों के मालिकों के साथ मीटिंग में दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं.

एचएसएनपी के बाद मिलेगी आरसी

एक माह बाद भी एचएसएनपी न दिए जाने पर परिवहन विभाग ने भी अब एजेंसी को गाड़ी की आरसी न जारी करने मन बना लिया है. गाड़ी की बिक्री होने के बाद आरटीओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग द्वारा एजेंसी को गाड़ी का नंबर बता दिया जाएगा. मगर नंबर एचएसएनपी पर प्रिंट होने के बाद ही आरसी जारी की जाएगी. इससे वाहन खरीददार को भी एचएसएनपी के साथ गाड़ी मिलेगी. मगर इस प्रक्रिया में खरीददार को अपनी गाड़ी की डिलीवरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है.

नए स्टॉक पर मिलेगी एचएसएनपी

उधर एजेंसी मालिकों ने भी साफ कर दिया है कि अप्रैल माह से पहले आए स्टॉक की गाडि़यों के साथ एचएसएनपी नहीं दी जा रही है. मगर जो गाडि़यां अप्रैल माह के बाद आएंगी उनके साथ एचएसएनपी लगाकर दी जाएगी. इस सबके बाद अब कस्टमर भी पुराने स्टॉक की गाडि़यों को लेने से परहेज करेगा.

लोगो से होगी प्लेट की पहचान

एचएसपी प्लेट पर इंडिया के शुरुआती तीन अक्षर आईएनडी और एक होलोग्राम इस प्लेट के असली होने की पहचान होगा. प्लेट के होलोग्राम में एक प्रकार की चिप होगी, जिसमें गाड़ी और ऑनर की पूरी जानकारी फीड होगी. इस चिप में फर्जीवाड़ा नहीं किया जा सकेगा और न ही इसे बदला जा सकता है.

सभी एजेंसी के साथ अप्रैल माह के शुरुआत में मीटिंग कर एचएसएनपी के साथ गाड़ी डिलीवरी का आदेश दिया गया था लेकिन एचएसएनपी के बिना ही गाडि़यां डिलीवर की जा रही हैं. आदेश के अनुपालन में हम एजेंसी को आरसी जारी नहीं करेंगे.

श्वेता वर्मा, एआरटीओ

अभी कंपनी के अप्रैल से पहले के निर्मित मॉडल की बिक्री हो रही है. नया स्टॉक जो आएगा, उसके साथ एचएसएनपी कंपनी देगी. अभी नया स्टॉक नहीं आया है.

राजी अब्बास, मैनेजर, निसान मोटर्स

एचएसएनपी के लिए कंपनी एजेंसी को वेंडर का नंबर देगी. हम गाड़ी का रजिस्ट्रेशन होने के बाद वेंडर को नंबर बता देंगे और वेंडर नंबर प्लेट तैयार करके देगा. यह प्रक्रिया लंबी रहेगी इसलिए कस्टमर को डिलीवर देने में समय लगेगा.

भंवर सिंह, ऑनर, बीएम मोटर्स

अभी कस्टमर को ही ये जानकारी नहीं है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लागू हो चुकी है. अधिकतर एजेंसी संचालक भी ग्राहकों को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं.

अमित सिंह

Posted By: Lekhchand Singh
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