नेल पॉलिश फैक्ट्री की आड़ में बारूद का खेल

2019-03-08T06:00:22Z

- सेलाकुई के शंकरपुर में मिला बारूद का जखीरा

- अवैध तरीके से चल रही थी पटाखा फैक्ट्री, हजारों किलो विस्फोटक बरामद

- पुलिस, रेवेन्यू टीम ने डाली रेड, 3 गिरफ्तार 1 फरार, फैक्ट्री सील

देहरादून। सेलाकुई के सुनसान इलाके में बारूद का खतरनाक खेल चल रहा था, पुलिस और रेवेन्यू टीम की ज्वॉइंट रेड में यहां एक अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। फैक्ट्री से हजारों किलो विस्फोटक और पटाखे बरामद हुए हैं। बारूद का यह खतरनाक खेल नेल पॉलिश फैक्ट््री की आड़ में किया जा रहा था। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक फरार हो गया। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

खतरनाक खेल का यूं हुआ खुलासा

वेडनसडे को सेलाकुई पुलिस इलाके में चेकिंग कर रही थी, इसी दौरान एक स्विफ्ट डिजायर कार (डीएल 5 सीपी 5563) रोकी गई तो उसमें सवार एक व्यक्ति भाग निकला। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें अवैध पटाखे मिले। कार ड््राइव कर रहे व्यक्ति ने अपना नाम हरदीप गोयल निवासी लुधियाना, पंजाब बताया। फरार व्यक्ति का नाम पंकज बबेजा बताया गया। पटाखों के बारे में पूछताछ की तो ड्राइवर ने सेलाकुई के एक सुनसान इलाके में पटाखा फैक्ट्री का खुलासा किया और बताया कि वह वहां से पटाखे लेकर सप्लाई के लिए ले जा रहा था।

पुलिस, रेवेन्यू टीम की ज्वॉइंट रेड

अवैध पटाखों के साथ गिरफ्तार कार ड्राइवर के पटाखा फैक्ट्री के खुलासे ने पुलिस को भी सरप्राइज कर दिया। सेलाकुई चौकी पुलिस ने थाना सहसपुर को इसकी सूचना दी साथ ही विकासनगर तहसीलदार को भी इस बारे में बताया। रेवेन्यू पुलिस के साथ विकासनगर तहसीलदार और सहसपुर थाने की टीम बताई गई लोकेशन के लिए रवाना हुई। सेलाकुई, शंकरपुर के सुनसान इलाके में फैक्ट्री पर रेड की गई। जहां हजारों किलो एक्सप्लोसिव, हाईली इन्फ्लेमेबल मैटर और अवैध पटाखों का जखीरा बरामद हुआ जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। फैक्ट्री से दो लोग पुलिस ने गिरफ्तार किए, जिनकी पहचान सुनील कुमार (52) पुत्र सतपाल निवासी निरंजनपुर, चमन विहार व हरपाल उर्फ बाला (35) पुत्र रामभर निवासी अलीगढ़ यूपी के रूप में हुई। विकासनगर तहसीलदार की निगरानी में फैक्ट्री सील कर दी गई है।

ये गिरफ्तार

हरदीप गोयल (33) पुत्र मदनलाल निवासी लुधियाना, पंजाब। (ड्राइवर)

सुनील कुमार (52) पुत्र सतपाल निवासी निरंजनपुर, चमन विहार। (फैक्ट्री मैनेजमेंट)

हरपाल उर्फ बाला (35) पुत्र रामभर निवासी अलीगढ़ यूपी।

ये फरार

पंकज बबेजा पुत्र गोविन्दलाल निवासी जालंधर,पंजाब। (बारूद सप्लायर)

नेल पॉलिश का झांसा, बारूद का ढेर

दरअसल अवैध पटाखों की यह फैक्ट्री नेल पॉलिश फैक्ट्री की आड़ में चल रही थी। आम लोगों को यह बताया जाता था कि फैक्ट्री में नेल पॉलिश बनाई जाती है, इसलिए कभी किसी को शक नहीं हुआ, लेकिन अंदर बारूद का अवैध खेल खेला जा रहा था। देर रात पटाखे बनाने के लिए बारूद यहां दूसरी जगहों से पहुंचाया जाता था और रात को ही पटाखे बनाए जाते थे।

बरामद एक्सप्लोसिव

- 575 किलो पोटेशियम (24 बैग)

- 975 किलो गंधक (39 बैग)

- 525 किलो कोल पाउडर (21 बैग)

- 225 किलो पीओपी (10 बैग)

- 140 किलो मिक्स एक्सप्लोसिव मैटर

इतने क्रैकर्स बरामद

- 10,000 पटाखे ब्राउन कलर के (107 क्रेट)

- 3500 पटाखे यलो कलर के (39 क्रेट)

- 1 कार्टन पटाखों के सैंपल

ये भी बरामद

- एक स्विफ्ट डिजायर कार (डीएल 5सीपी 5563) जिसका प्रयोग बारूद और पटाखा सप्लाई के लिए किया जाता था

- फेक एड्रेस पर दर्शाये गए बिल वाउचर्स

किराये पर ली थी फैक्ट्री

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सभी पंजाब में मोबाइल फोन का कारोबार करते थे। शंकरपुर में पंकज बबेजा ने ही सुनसान जगह पर यह फैक्ट्री किराये पर ली थी और उसके कहने पर ही वे सभी सेलाकुई में काम करने आये थे। इस खतरनाक खेल का मास्टरमाइंड पंकज बबेजा है। इसी के कहने पर बाकी लोग इस धंधे में आये थे।

मजदूरों को बाहर जाने की मनाही

पटाखे की इस अवैध फैक्ट्री में कई मजदूर काम करते थे, उनके रहने-खाने का इंतजाम भी फैक्ट्री के अंदर ही किया गया था। फैक्ट्री का राज न खुले इसके लिए उन्हें बाहर जाने की सख्त मनाही थी।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.