संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट की मानें तो करीब 48 लाख भारतीय विदेश में बसने की तैयारी में हैं। इनमें से 35 लाख लोग ऐसे हैं जो अपनी योजना बना चुके हैं जबकि 13 लाख भारतीय विदेश जाने का सपना आंखों में लिए तैयारियों में जुटे हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी अंतर्राष्ट्रीय प्रवास संगठन आईओएम की रिपोर्ट भारत के लिए खतरे की घंटी है।


नाइजीरिया पहले नंबर पर इस रिपोर्ट के अनुसार भारत उन देशों में दूसरे नंबर पर है, जहां वयस्क किसी दूसरे देश में बसने की योजना बना रहे हैं। 51 लाख लोगों के साथ नाइजीरिया इस मामले में पहले नंबर पर है। आईओएम की रिपोर्ट के मुताबिक 1.3 परसेंट या 6.60 करोड़ लोग अगले 12 महीने में स्थायी तौर पर दूसरे देश में बसने की योजना बना रहे थे। यह रिपोर्ट 2010-2015 के बीच दुनियाभर के लोगों की योजना के आधार पर तैयार की गई है। यह स्टडी 'गैलप वल्र्ड पोल' द्वारा जुटाए गए अंतर्राष्ट्रीय आंकड़ों पर आधारित है। अध्ययनकर्ताओं का यह भी मानना है कि वास्तविक आंकड़े इससे अलग हो सकते हैं। अमेरिका-ब्रिटेन सबसे लोकप्रिय
सिर्फ  भारतीयों के लिए ही नहीं बल्कि अन्य देशों के वयस्कों के लिए भी पहली पसंद अमेरिका और ब्रिटेन है। इन देशों के बाद लोग सऊदी अरब, फ्रांस, कनाडा, जर्मनी और दक्षिण अफ्रीका में बसना पसंद करते हैं। आधी आबादी सिर्फ 20 देशों से


किसी दूसरे देश में बसने की योजना बनाने वालों में से आधे लोग सिर्फ 20 देशों में रहते हैं। इसमें पहले नबंर पर नाइजीरिया और दूसरे नंबर पर भारत है। इसके बाद कांगो, सूडान, बांग्लादेश और चीन का नंबर आता है। पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण एशिया और नॉर्थ अफ्रीका ऐसे क्षेत्र हैं, जहां सबसे अधिक लोगों के प्रवास करने की संभावना है। योजना बनाने वालों में पुरुष ज्यादादूसरे देशों में बसने की योजना बनाने वाले ज्यादातर लोगों में पुरुष, युवा, अविवाहित, ग्रामीण इलाकों में रहने वाले और कम से कम माध्यमिक शिक्षा हासिल करने वाले वयस्क हैं।हर तीसरा व्यक्ति बना रहा योजनारिपोर्ट के अनुसार विकासशील देशों में हर तीसरा व्यक्ति विदेश में बसने की चाहत रखता है। आंकड़ों की मानें तो करीब 2.3 करोड़ लोग गंभीरता से इस तैयारी में लगे हुए हैं।

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Posted By: Abhishek Kumar Tiwari